मार्च के महीने में मौसम का मिजाज अप्रत्याशित बना हुआ है, जिसमें कभी तेज गर्मी तो कभी बादल और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है और आने वाले दिनों में भी इसके जारी रहने की संभावना है. इस बेमौसम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने देशभर में, खासकर राजस्थान जैसे राज्यों में, जीरा और रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है. जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञ बता रहे हैं कि पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि, वनों की कटाई और बढ़ते शहरीकरण से वायुमंडलीय संतुलन बिगड़ रहा है. इस बदलते मौसम का असर सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. चिकित्सकों ने बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है.