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MBA in Temple Management: मंदिर दर्शन को लेकर युवाओं में बढ़ा क्रेज! मंदिर प्रबंधन के लिए इस विश्वविद्यालय ने शुरू किया कोर्स, जानिए मंदिर मैनेजमेंट कोर्स कितना जरूरी?

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय इस साल जुलाई से 'टेंपल मैनेजमेंट' में एमबीए कोर्स शुरू कर रहा है. यह कदम अयोध्या, काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर जैसे प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया है, जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों का पेशेवर और आधुनिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है. इस पाठ्यक्रम में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, वित्त, अपशिष्ट प्रबंधन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे विषय शामिल होंगे. हालांकि, इस कोर्स की योग्यता और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर एक बहस भी शुरू हो गई है, जिसमें यह चिंता जताई गई है कि यदि किसी अन्य धर्म का व्यक्ति यह कोर्स करता है तो भविष्य में विवाद हो सकता है. इसके जवाब में, विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह कोर्स प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर केंद्रित है, जबकि पारंपरिक पूजा-पाठ का कार्य पुजारियों के पास ही रहेगा. यह कोर्स युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और इसे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है.