उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पिता द्वारा अपनी बेटी के तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ उसका घर में स्वागत करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. इस घटना ने समाज में विवाह, तलाक और महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है. गुड न्यूज़ टुडे की इस विशेष चर्चा में विशेषज्ञों ने इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए. जहां एक पक्ष इसे रूढ़िवादी सोच को तोड़ने और मानसिक प्रताड़ना से बाहर निकालने वाला साहसिक कदम मान रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के कारण महिला के दोबारा अवसाद में जाने की बात भी सामने आई है. चर्चा के दौरान पुरुषों के अधिकारों और मीडिया ट्रायल जैसे विषयों पर भी तर्क दिए गए. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि खराब शादी से बाहर आने पर लड़के और लड़की दोनों को परिवार के सहयोग की आवश्यकता होती है. यह मामला घरेलू हिंसा और खराब रिश्तों के खिलाफ माता-पिता के समर्थन और सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता को रेखांकित करता है.