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Mahakumbh 2025: अब मात्र 26 दिन शेष, क्या है महाकुंभ की परंपरा का सार और कितना अद्भुत है संतों से सजा महाकुंभ का संसार? धर्माचार्यों से समझिए

महाकुंभ के शुभारंभ में भले 26 दिन बाकी हो लेकिन संगम की रेती पर महाकुंभ की भव्यता ने आकार ले लिया है. साधु संत यहां पहुंचने लगे हैं और तमाम अखाड़ों का प्रवेश भी यहां हो चुका है. इस बार कुंभ कई मायनों में खास होने जा रहा है. यहां इस बार ना केवल सनातन परंपरा की गौरवमयी झलक दिखने वाली है. बल्कि नए भारत का संकल्प भी इस बार महाकुंभ से गूंजने वाला है. तो आज महाकुंभ की इसी विरासत और उसकी परंपराओं पर अपने मेहमानों से करेंगे बात और समझेंगे क्या है महाकुंभ की परंपरा का सार और कितना अद्भुत है संतों से सजा महाकुंभ का संसार.