देशभर में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया. जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और मुंबई के बाजारों में रौनक देखने को मिली, वहीं सीमाओं पर स्कूली बच्चों और महिलाओं ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) तथा सीआरपीएफ के जवानों को रक्षासूत्र बांधा. उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डू अर्पित किए गए और काशी विश्वनाथ मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई. बागेश्वर धाम में महिलाओं ने आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को राखी बांधी. इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहा और चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान न होने से सूतक मान्य नहीं हुआ. ज्योतिषविदों के अनुसार सुकर्मा, त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग के बीच मनाए गए इस पर्व पर दान-पुण्य और पौधरोपण का विशेष महत्व बताया गया. विशेषज्ञों ने मूलांक के अनुसार उपहार देने तथा सावन के अंतिम दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से जुड़े धार्मिक उपायों की जानकारी दी.