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Sawan का दूसरा सोमवार और शिवरात्रि पर बन रहा चतुर्ग्रही योग, जानें पूजा विधि और मनोकामना पूर्ति के उपाय

सावन के दूसरे सोमवार और सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, देवघर के बैद्यनाथ धाम और गुजरात के सोमनाथ मंदिर में तड़के से ही जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी है. दिल्ली, प्रयागराज, हरिद्वार, जयपुर और मुंबई के शिवालयों में भी भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं. इस बार सावन के दूसरे सोमवार और सावन शिवरात्रि पर चतुर्ग्रही योग, बुधादित्य योग, गजकेसरी योग, सिद्ध योग तथा पुनर्वसु व पुष्य नक्षत्र का विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता अनुसार सावन का दूसरा सोमवार आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना गया है. इस दौरान शिवलिंग पर कमल पुष्प, बेलपत्र, शमी पत्र अर्पित करने और निशिता काल तथा गोधूलि बेला में गन्ने का रस या गंगाजल से जलाभिषेक करने का विधान है. श्रद्धालु मानसिक पूजन और ॐ नमः शिवाय का जाप कर महादेव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं.