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Sawan Last Somwar: शिव पूजा के सही नियम, शिवलिंग पर जल चढ़ाने की विधि और विशेष मंत्र

सावन महीने के अंतिम सोमवार के अवसर पर देशभर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर तक तड़के से ही जलाभिषेक, पंचामृत स्नान और रुद्राभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सुख, शांति और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस विशेष अवसर पर प्रीति योग, आयुष्मान योग, हंसराज योग, शोभन योग और अमृत सिद्धि योग जैसे दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं. महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में सावन का दूसरा सोमवार मनाया जा रहा है. शास्त्रों के अनुसार, शिव पूजन के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन आवश्यक है, जैसे जलहरी न लांघना, शिवलिंग पर कुमकुम या हल्दी न चढ़ाना और उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजन करना. महामृत्युंजय मंत्र और ॐ नमः शिवाय का जाप इस दिन विशेष फलदायी माना गया है.