ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर शनि जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जो इस बार 13 साल बाद शनिवार के दिन पड़ने के कारण एक दुर्लभ महासंयोग है. इस अवसर पर बुधादित्य, षष्ठ महापुरुष, केदार और सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है. शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, शनि जयंती पर वट सावित्री व्रत का भी संयोग है. कुंभ, मीन और मेष जैसी साढ़ेसाती से प्रभावित राशियों के लिए पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना, छाया दान और 'ओम शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना लाभकारी बताया गया है. गुड न्यूज़ टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा और अन्य विशेषज्ञों ने राशियों के अनुसार उपाय साझा किए हैं. वृष से मीन राशि तक के जातकों को तिल का तेल, उड़द की दाल, नीले वस्त्र और लोहे की वस्तुओं के दान की सलाह दी गई है. अनुशासन और परिश्रम से शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है.