scorecardresearch
Advertisement

Shardiya Navratri: कल महालया पर पितृ विसर्जन, जानें घटस्थापना मुहूर्त और नौ देवियों की संपूर्ण पूजा विधि

शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में देवी के नौ स्वरूपों की उपासना, महालया और घटस्थापना के शुभ मुहूर्त को लेकर विशेष चर्चा की गई. कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि नवरात्र से पूर्व महालया के दिन कुतप काल में पितरों का तर्पण व श्राद्ध कर सायंकाल तक पितृ विसर्जन संपन्न करना चाहिए. इसके बाद घर को गंगाजल और गायत्री मंत्र से शुद्ध कर देवी पूजन की सामग्री लानी चाहिए. घटस्थापना को लेकर बताया गया कि प्रातः काल चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग होने से शास्त्रों के अनुसार उस समय कलश स्थापना वर्जित है, इसलिए अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना करना सर्वाधिक फलदायी रहेगा. चर्चा के दौरान मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के पूजन विधान, प्रिय रंगों और विशेष भोगों की जानकारी दी गई. साथ ही अखंड ज्योति प्रज्वलन, चक्र ध्यान और दुर्गा सप्तशती के नियमित पाठ का महत्व रेखांकित किया गया.