अयोध्या के श्री राम मंदिर में चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्री राम यंत्र की स्थापना की. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिजीत मुहूर्त में हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रमुख साधु-संत शामिल हुए. यह स्वर्ण जड़ित यंत्र लगभग 150 किलोग्राम का है, जिसका आकार तीन फीट लंबा और चौड़ा है. इस यंत्र में श्री राम के परिवार को केंद्र में रखते हुए 131 देवी-देवताओं के विग्रह और चित्र समाहित हैं. इसे आंध्र प्रदेश के तिरुपति से कांची पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती एक रथयात्रा के माध्यम से अयोध्या लाए थे. ज्योतिषियों के अनुसार, यह स्थापना दशकों बाद बने एक विशेष ज्योतिषीय संयोग में हुई है. जानकारों का मानना है कि इस यंत्र की स्थापना से श्री राम मंदिर दैवीय ऊर्जा के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित हो गया है, जिसकी सकारात्मक ऊर्जा कई किलोमीटर तक फैलेगी.