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Spiritual Tourism Trend: धार्मिक पर्यटन में युवाओं की 53% भागीदारी, चारधाम और वैष्णो देवी में बने नए रिकॉर्ड

भारत में धार्मिक पर्यटन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अब युवा पीढ़ी और जेन-जी (Gen-Z) की भागीदारी लगभग 53 फीसदी तक पहुंच गई है. उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में अब तक करीब 39 लाख और माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए 50 लाख से अधिक श्रद्धालु जा चुके हैं. केदारनाथ, बद्रीनाथ, काशी, मथुरा और वृंदावन जैसे तीर्थ स्थलों पर युवा शांति और सुकून की तलाश में पहुंच रहे हैं. भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, नई पीढ़ी अध्यात्म के वैज्ञानिक और तार्किक महत्व को समझकर इसकी ओर आकर्षित हो रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, देश के शीर्ष नेतृत्व का आध्यात्मिक जीवन और प्रेमानंद जी महाराज व बागेश्वर धाम जैसे संतों का प्रभाव युवाओं को सात्विक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है. कोरोना महामारी के बाद जीवन के प्रति बदले नजरिए, सोशल मीडिया और बेहतर सुविधाओं ने भी इस बदलाव को गति दी है. आज का युवा धर्म को 'एक्सपेरिमेंटल लर्निंग' और आत्म-शांति के साधन के रूप में देख रहा है.