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Supreme Court का सख्त आदेश, आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजें राज्य सरकारें, नहीं तो होगी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 7 नवंबर के अपने आदेश में संशोधन से इनकार कर दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल, स्कूल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में स्थानांतरित करना राज्य सरकारों और नगर निगमों की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि बिना कुत्ते के काटने के डर के जीना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है. आदेश के अनुसार, देशभर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने और पर्याप्त एंटी-रेबीज दवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. अदालत ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता जताई है. चर्चा में यह भी सामने आया कि पशु कल्याण फंड के दुरुपयोग की स्थिति में एनजीओ हाईकोर्ट जा सकते हैं. पालतू कुत्तों के मालिकों को भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.