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World Organ Donation Day: भारत में अंगों की भारी कमी, एक संकल्प से मिल सकता है 8 लोगों को जीवनदान

विश्व अंगदान दिवस पर भारत में अंगदान की स्थिति, आंकड़ों और ट्रांसप्लांट प्रक्रिया की जानकारी दी गई. भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर केवल एक व्यक्ति अंगदान करता है, जबकि स्पेन में यह संख्या 54 और अमेरिका में 50 है. नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक लगभग 90 हजार मरीज वेटिंग लिस्ट में दर्ज थे, जबकि वर्ष 2025 में केवल 20 हजार अंगों का ट्रांसप्लांट हो सका. भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख लोगों की जान अंगों की कमी के कारण संकट में पड़ती है, जबकि एक अंगदाता 8 लोगों का जीवन बचा सकता है. ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के तहत ब्रेन डेथ की पुष्टि के लिए स्वतंत्र डॉक्टरों की टीम दो बार एपनिया टेस्ट करती है. सहमति मिलने के बाद अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर, मशीन परफ्यूजन तकनीक और SOTO (स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) की मदद ली जाती है. अंगदान के संकल्प को अब आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है, हालांकि प्रक्रिया के लिए परिजनों की सहमति अनिवार्य है.