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CWG में जीता सिल्वर मेडल, वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह का अमृतसर में भव्य स्वागत

पंजाब के अमृतसर के वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता. लवप्रीत की घर वापसी पर भव्य स्वागत किया गया है. एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया.

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Lovepreet Singh Lovepreet Singh

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले पंजाब के होनहार वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह का अमृतसर एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया. जैसे ही लवप्रीत सिंह एयरपोर्ट से बाहर निकले, उनके परिवार, रिश्तेदारों, गांव बल्ल सचंद्र के लोगों और खेल प्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर भांगड़ा करके उनका जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट का माहौल देशभक्ति और जश्न के रंग में रंगा हुआ था. फूलों की मालाएं पहनाकर और मिठाइयां बांटकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया गया.

लवप्रीत सिंह ने CWG में सिल्वर मेडल जीता-
भारतीय नौसेना में सेवाएं दे रहे लवप्रीत सिंह ने खेलों के क्षेत्र में भी अपनी कड़ी मेहनत से देश का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि पर सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव, जिला और पूरा पंजाब गर्व महसूस कर रहा है. इस मौके पर गांव बल्ल सचंद्र के सरपंच जुगराज सिंह ने कहा कि लवप्रीत सिंह ने अपने गांव, परिवार, जिले, पंजाब और पूरे भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है. उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर लवप्रीत ने हर पंजाबी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लवप्रीत को इस उपलब्धि पर बधाई दी है, जिससे गांववासियों का उत्साह और बढ़ गया है.

गरीब खिलाड़ियों की करेंगे मदद- सरपंच जुगराज सिंह
सरपंच जुगराज सिंह ने घोषणा की कि यदि किसी गरीब परिवार का कोई होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहता है और आर्थिक तंगी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है, तो वह उनसे संपर्क करे. ऐसे खिलाड़ियों की हरसंभव आर्थिक मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे प्रभावी तरीका उन्हें खेलों से जोड़ना है, इसलिए खेलों को अधिक से अधिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए.

डेढ़ साल से घर नहीं गए थे लवप्रीत-
लवप्रीत सिंह के कोच हीरा सिंह ने बताया कि लवप्रीत पिछले डेढ़ साल से घर नहीं आए थे, क्योंकि उनका पूरा ध्यान कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने पर था. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक किलोग्राम के अंतर से गोल्ड मेडल हाथ से निकल गया, लेकिन सिल्वर मेडल भी देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने बताया कि लवप्रीत ने मात्र 13 वर्ष की उम्र में वेटलिफ्टिंग शुरू की थी और आज उनकी वर्षों की मेहनत रंग लाई है.

मेहनत और अनुशासन का नतीजा मेडल- लवप्रीत
इस अवसर पर भावुक हुए लवप्रीत सिंह ने कहा कि वह अपने परिवार, गांववासियों और उन सभी लोगों का दिल से धन्यवाद करते हैं जो उनका उत्साह बढ़ाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह पदक लंबे संघर्ष, अनुशासन और कठिन मेहनत का परिणाम है. उन्होंने माना कि एक किलोग्राम के अंतर से गोल्ड मेडल चूकने का अफसोस जरूर है, लेकिन अब उनका अगला लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव और बढ़ाना है.

युवाओं को लवप्रीत का संदेश-
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि यदि जीवन में सफलता हासिल करनी है तो खेल और शिक्षा दोनों को अपनाएं, क्योंकि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता.

लवप्रीत सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह पटियाला और मोदी नगर में लगातार प्रशिक्षण ले रहे थे और आज उसी मेहनत का फल मिला है. उन्होंने कहा कि पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी. उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में भारतीय नौसेना में सेवा दे रहे हैं और पंजाब सरकार से अपील की कि उन्हें पंजाब में भी उच्च पद पर सेवा करने का अवसर दिया जाए. उन्होंने कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना है, जिसके लिए तैयारी पूरे जोर-शोर से चल रही है.

लवप्रीत सिंह के भाई साहिब सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में लवप्रीत ने कांस्य पदक जीता था और अब 2026 में रजत पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने कहा कि परिवार ने हर कठिन समय में लवप्रीत का साथ दिया और उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में वह स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का गौरव और बढ़ाएंगे. एयरपोर्ट पर ढोल की थाप, भांगड़ा और "भारत माता की जय" के नारों ने इस जीत के जश्न को यादगार बना दिया.

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