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Gonda Anamika Mishra: 30 किमी की दौड़... 3 घंटे 40 मिनट में की पूरी, 7 साल की नन्ही धाविका अनामिका मिश्रा का कमाल, ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाकर भारत का नाम रोशन करने का है सपना 

गोंडा में महज 7 साल की नन्ही धाविका अनामिका मिश्रा ने 30 किमी दौड़ कर बापू को नमन किया. देवी पाटन मंडल के डीआईजी समेत गणमान्य लोगों ने नन्ही धाविका का माला पहना कर स्वागत कर हौसला बढ़ाया. अनामिका को 30 किमी की दौड़ पूरी करने में 3 घंटे 40 मिनट लगे. अनामिका मिश्रा का सपना है कि वह ओलंपिक के मैराथन में गोल्ड मेडल लाकर भारत का नाम रोशन करे.

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 Anamika Mishra Anamika Mishra

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर महज 7 साल की अनामिका मिश्रा ने 30 किमी की दौड़ लगाकर बापू को नमन किया. अनामिका मिश्रा ने यह दौड़ अपने भीखमपुरवा प्राथमिक विद्यालय इटियाथोक से सुबह 6:00 बजे से शुरू किया और 9 बजकर 40 मिनट पर नगर के गांधी पार्क गोंडा में पूरा किया. इस तरह से मात्र 3:40 मिनट में 30 किमी की दौड़ पूरी करने वाली अनामिका का स्वागत देवी पाटन मंडल के डीआईजी अशोक शुक्ला ने माला पहना कर किया. पूरे रास्ते में अनामिका की सुरक्षा के लिए पुलिस के अलावा अध्यापकों की पूरी टीम लगी रही. 

अभी से मैराथन की तैयारी में जुटीं 
क्लास 2 में पढ़ने वाली अनामिका मिश्रा का सपना है कि वह ओलंपिक के मैराथन में गोल्ड लाकर भारत का नाम रोशन करे जिसके लिए वह अभी से अपने शिक्षक पिता मनोज मिश्रा के निगरानी में मैराथन की तैयारी में जुटी हैं. अनामिका की प्रेरणा क्लास 10वीं में पढ़ने वाली उसकी बड़ी बहन अंशिका मिश्रा है, जिसने क्लास 3 में 6.26 सेकेंड में हिंदुस्तान के सभी जिलों का नाम सुना कर इंडियाज बुक ऑफ रिकॉर्डस में अपना नाम दर्ज करवाया था. अनामिका बताती है कि जब दीदी को हमेशा मेडल पाते देख वह बहुत प्रेरित होती थी.  बाद में खुद मेडल पाने का सपना पाले गत वर्ष अनामिका ने 8 मिनट में 240 पुश अप लगाकर अपना नाम इंडियाज बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज करवाया था.

अनामिका जब दौड़ी तो खूब दौड़ी
गोंडा में गांधी जयंती पर 7 साल की नन्ही धाविका अनामिका मिश्रा को दाए हाथ में झंडा लेकर सड़क पर दौड़ते देख नगर वासी हैरत में पड़ गए. अनामिका जब दौड़ी तो खूब दौड़ी. पुलिस, अध्यापकों, शुभचिंतकों के सुरक्षा घेरे में दौड़ रही अनामिका मिश्रा ने भारत माता के जयकारो के बीच दौड़ को पूरा किया. इसके बाद उसने गांधी जी को नमन किया. नन्ही धाविका अनामिका मिश्रा का स्वागत करने के लिए देवी पाटन मंडल के उप महानिरीक्षक अशोक शुक्ला के साथ गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने अनामिका मिश्रा को माला पहना कर उसका स्वागत कर हौसला बढ़ाया.

...तो ऐसे हुईं प्रेरित
गोंडा जिले के भीखमपुरवा प्राथमिक विद्यालय इटियाथोक के प्रधानाध्यक मनोज मिश्रा 6 बच्चों के पिता हैं. उनका सपना है कि उनके स्कूल के बच्चे पढ़ाई के अलावा अन्य क्षेत्रों में नाम कमाएं. इसके लिए उन्होंने बच्चों को तराश कर निखारना शुरू किया. जिसकी शुरुआत उन्होंने अपनी बड़ी बेटी अंशिका मिश्रा से की. अंशिका मिश्रा जब क्लास 3 में थी, तब उसने 6.26 सेकेंड में हिंदुस्तान के सभी जिलों का नाम सुना कर इंडियाज बुक ऑफ रिकॉर्डस में अपना नाम दर्ज करवाया था. इस तरह घर में मेडल के ढेर लग गए. इसको देखकर नन्ही अंशिका बहुत प्रेरित होती थी.

उसने भी मेडल पाने का सपना पाल लिया और अपने शिक्षक पिता मनोज मिश्रा के निगरानी में तैयारी करने लगी. जिसका परिणाम गत वर्ष नन्ही अनामिका ने 8 मिनट में 240 पुश अप लगाकर अपना नाम इंडियाज बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज करवाया था. पिछले साल ही नन्ही अनामिका ने 2 अक्टूबर को 45 मिनट में 10 किमी दौड़ कर लोगों को हैरत में डाल दिया था. शुक्रवार को 7 साल की क्लास सेकेंड में पढ़ने वाली अनामिका मिश्रा झंडा हाथ में लेकर अपने स्कूल से गांधी पार्क गोंडा तक 30 किमी की दौड़ लगाकर सबको अचरज में डाल दिया. अनामिका मिश्रा के पिता मनोज मिश्रा ने बताया कि उनके स्कूल भीखमपुरवा प्राथमिक विद्यालय की पांच छात्राओं ने अलग-अलग विद्याओं में अपना परचम लहरा कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम रोशन किया है.