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Asian Junior Powerlifting Championships: चीन में 7 दिनों तक तरबूज व स्वीटकॉन खाकर राजस्थान के बेटों ने जीते मेडल, अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के लिए कर रहे है तैयारी

राजस्थान के अलवर व डीग जिले के दो युवा खिलाड़ियों ने चीन आयोजित हुई एशियाई जूनियर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है. पावरलिफ्टर जितेंद्र शर्मा व योगेंद्र सौगरवाल ने कहा कि अब वो कॉमनवेल्थ गेमों की तैयारी कर रहे हैं और इसमें वे देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएंगे. 

Won Medal in China Won Medal in China

राजस्थान के अलवर व डीग जिले के दो युवा खिलाड़ियों ने चीन के हेनान शहर में आयोजित हुई एशियाई जूनियर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है. अलवर पहुंचने पर दोनों युवा खिलाड़ियों का स्वागत हुआ. इस दौरान उन्होंने बताया कि 7 दिनों तक उन्होंने तरबूज और स्वीटकॉन खाकर दिन गुजारें. पावरलिफ्टर जितेंद्र शर्मा व योगेंद्र सौगरवाल ने बताया कि  वे वेजिटेरियन है और चीन में भोजन में नॉनवेज की व्यवस्था थी. उसके बाद भी उन्होंने गेम खेला और देश के लिए सिल्वर मेडल जीता. दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि वो कॉमनवेल्थ गेमों की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे कॉमनवेल्थ में देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएंगे.

भारत का लहराया परचम  
प्रदेश के दोनों ही खिलाड़ी 8 मई को चीन के लिए रवाना हुए थे, जहां 14 मई को उनकी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया. विदेश में भारत का परचम लहराकर अलवर पहुंचने पर दोनों ही खिलाड़ियों का स्वागत बड़ी धूमधाम से किया गया. खिलाड़ियों ने कहा कि इस चैंपियनशिप में मिले सिल्वर मेडल से वो संतुष्ट नहीं हैं. आने वाले समय में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप कनाडा में आयोजित होगी, दोनों खिलाड़ी उसकी तैयारी में अभी से जुट गए हैं.  इसमें वो गोल्ड मेडल जीतेंगे.

सपना अब पूरा हुआ
अलवर जिले के हल्दीना गांव निवासी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि 2021 में पावरलिफ्टिंग गेम की शुरुआत की. इसके बाद करीब 5 साल तक उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में मेडल हासिल किया. उनका भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना था, अब पूरा हुआ है. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि पावर लिफ्टिंग के दौरान खिलाड़ी अपनी डाइट को अच्छे से मेंटेन करता है, जिससे वो खेल में अच्छा निखार ला सके लेकिन चीन में उन्हें विपरीत परिस्थितियों मिली. वो वेजिटेरियन खाना अपनी डाइट में शामिल रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और करीब 7 दिनों तक रोजाना सिर्फ तरबूज व स्वीटकॉन खाकर अपनी प्रैक्टिस जारी रखी. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने कभी विपरीत परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. कड़ी मेहनत कर भारत के लिए मेडल जीता. पावरलिफ्टर जितेंद्र शर्मा व योगेंद्र सौगरवाल ने बताया कि आगामी माह में कनाडा में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप आयोजित होगी. इसके लिए जून के आखिरी सप्ताह में ट्रायल्स के लिए वो अभी से तैयारी में जुट गए हैं. जिससे वो भारत का प्रतिनिधित्व कॉमनवेल्थ गेम्स में कर सकें और आगे आने वाले समय में भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल कर सकें.

(हिमांशु शर्मा की रिपोर्ट)