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एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाने वाले सुमित की गांव में धूम, फूलों और नोटों की मालाओं से हुआ स्वागत

खुली जीप में निकले गोल्ड मेडलिस्ट सुमित पर लोगों ने फूल बरसाए, नोटों की मालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी. गांव वालों के लिए यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि उनकी मिट्टी और वर्षों की मेहनत का सम्मान था.

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सुमित सांगवान का खुली जीप में निकला विजय जुलूस सुमित सांगवान का खुली जीप में निकला विजय जुलूस

एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है. चरखी दादरी के आदमपुर दाढ़ी में सुमित सांगवान का ऐसा स्वागत हुआ कि हर तरफ ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी. खुली जीप में निकले गोल्ड मेडलिस्ट सुमित पर लोगों ने फूल बरसाए, नोटों की मालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी. गांव वालों के लिए यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि उनकी मिट्टी और वर्षों की मेहनत का सम्मान था.

ढोल-नगाड़ों के साथ निकला विजय जुलूस
सुमित के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी उनके स्वागत के लिए जुट गए. उन्हें फूल-मालाओं से सजाया गया और खुली जीप में विजय जुलूस निकाला गया. लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और सुमित को मिठाई खिलाकर बधाई दी. इस दौरान उन्हें नोटों की मालाएं भी पहनाई गईं. पूरे इलाके में जश्न का माहौल देखने को मिला.

बचपन से कोच के साथ कर रहे मेहनत
मीडिया से बातचीत में सुमित सांगवान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और गांव की मिट्टी को दिया. उन्होंने बताया कि वह बचपन से ही गांव में अपने कोच के मार्गदर्शन में कबड्डी की प्रैक्टिस कर रहे हैं. फाइनल मुकाबले से पहले टीम का लक्ष्य बिल्कुल साफ था कि किसी भी हालत में गोल्ड मेडल जीतकर लौटना है.

सुमित ने बताया कि ईरान के खिलाफ फाइनल मुकाबला काफी कड़ा था, लेकिन टीम को अपनी जीत पर पूरा भरोसा था. उन्होंने कहा कि सरकार भी खिलाड़ियों को पूरा सहयोग दे रही है. अब उनका अगला लक्ष्य आगामी मार्च में होने वाला वर्ल्ड कप है. इसके लिए जल्द ही तैयारी शुरू की जाएगी. उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेल और पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की.

सुमित के दो कैच ने बदला फाइनल का रुख
भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी असन सांगवान ने सुमित के प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत-ईरान फाइनल में सुमित के दो निर्णायक कैच बेहद अहम रहे. उनके शानदार डिफेंस ने भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई.



गांव की मिट्टी से निकले कई चैंपियन
सुमित के कोच जय सिंह ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग और खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा अब सामने आ रहा है. उनके मुताबिक, इस मिट्टी से अब तक 8 खिलाड़ी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं, जबकि सैकड़ों खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर चुके हैं. उन्होंने युवाओं से खेल से जुड़कर देश का नाम रोशन करने की अपील की.

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