India's Journey at the Commonwealth Games
India's Journey at the Commonwealth Games
Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स के 23वें एडिशन का आगाज स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से हो गया है, जो 2 अगस्त 2026 तक चलेगा. इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में 74 देशों के 3000 से ज्यादा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. भारत के कुल 125 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं.
आपको मालूम हो कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है. भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के पिछले 22 में से 18 एडिशन में हिस्सा लिया है. भारत ने अबतक कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते हैं. आज हम आपको भारत के पदक जीतने की पूरी कहानी बता रहे हैं. आपको मालूम हो कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दो बार बिना मेडल के खाली हाथ लौटना पड़ा है. भारत ने 1938 में हुए सिडनी और 1954 में हुए वांकुवर कॉमनवेल्थ गेम्स में एक भी पदक नहीं जीत सका था. भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू करने के बाद से 3 कॉमनवेल्थ गेम्स 1950, 1962 और 1986 में हिस्सा नहीं लिया है.
कॉमनवेल्थ गेम्स के डेब्यू में भारत ने जीता था सिर्फ 1 पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत साल 1930 में हुई थी. हालांकि उस समय इसका नाम ब्रिटिश एम्पायर गेम्स था. भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले संस्करण में हिस्सा नहीं लिया था. भारत ने पहली बार 1934 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स दूसरे एडिशन में भाग लिया था. उस समय भारत ने सिर्फ एक पदक जीता था. पहलवान राशिद अनवर ने कुश्ती में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया था. कॉमनवेल्थ गेम्स में एक पदक से शुरू हुआ भारत का सफर 2022 बर्मिंघम में हुए पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स तक 564 पदक तक पहुंच चुका है.
जब भारत ने जीता पहला गोल्ड मेडल
1958 में कार्डिफ में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में में भारत ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता था. फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह ने पहली बार भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था. इस कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 3 पदक जीते थे, जिसमें 2 गोल्ड और 1 सिल्वर था. इसके बाद से कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के पदकों की संख्या बढ़ती गई.
पहली बार पदकों के मामले में दहाई का छुआ था आंकड़ा
भारत ने पहली बार पदकों के मामले में कॉमनवेल्थ गेम्स में दहाई का आंकड़ा 1966 में किंग्सटन में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में छुआ था. भारतीय खिलाड़ियों ने 3 गोल्ड, 4 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज सहित कुल 10 मेडल जीते थे. इसके बाद
1970 में एडिनबर्ग में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 12 पदक अपने नाम किए थे. इसमें 5 गोल्ड शामिल थे.
लगातार भारत ने जीते 15-15 मेडल
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 1974 और 1978 में लगातार 15-15 मेडल जीते. 1982 के ब्रिसबेन कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 16 मेडल अपने नाम किए थे. इसके बाद भारत के पदकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ. 1990 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 32 पदक जीते. हालांकि कॉमनवेल्थ गेम्स 1994 और 1998 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के पदक आंकड़ा घटकर क्रमशः 24 और 25 पर आ गया.
भारत ने जब 38 गोल्ड मेडल के साथ जीते 101 पदक
भारत ने साल 2002 में मैनचेस्टर में कॉमनवेल्थ गेम्स में 30 गोल्ड मेडल के साथ कुल 69 पदक जीते था. भारत को 2006 के मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में 50 पदकों से संतोष करना पड़ा था. भारत के खिलाड़ियों ने 2010 में नई दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में तहलका मचा दिया था. कुल 38 गोल्ड के साथ 101 पदक जीतने में भारतीय खिलाड़ी कामयाब रहे. यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का आज तक बेहतरीन प्रदर्शन है. भारत ने 2014 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 64 मेडल, 2018 में गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 66 पदक जीते थे. 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 61 पदक अपने नाम किया था. इसमें 22 गोल्ड मेडल शामिल रहे. इस तरह से भारत ने 1934 कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स तक कुल 564 मेडल जीते हैं. 564 मेडल में 203 गोल्ड, 190 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.
अब लवलीना बोरगोहेन ने पदक कर लिया है पक्का
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलो वेट में भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया है. उन्हें क्वार्टरफाइनल में बाई मिला है. अब वह सीधे सेमीफाइनल में 31 जुलाई को टीकेबीपी ताफाकी से भिड़ेंगी. आपको मालूम हो कि बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दोनों हारने वाले मुक्केबाजों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है.