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200 मेडल, 50 ट्रॉफियां, 65 साल में जीत का जज्बा... नौजवानों को दौड़ में मात देने वाले महिपाल सिंह के किस्से

यूपी के गाजियाबाद के रहने वाले 65 साल के महिपाल सिंह दौड़ में नौजवानों को टक्कर देते हैं. महिपाल सिंह अब तक 150 से ज्यादा मैराथन दौड़ में हिस्सा ले चुके हैं. इन्होंने दौड़ में अभी तक करीब 200 मेडल और 50 ट्रॉफियां जीती हैं. उन्होंने 60 साल की उम्र में दौडना शुरू किया था.

Mahipal Singh Mahipal Singh

दिल में हौसला हो और इरादे पक्के हों, तो कोई भी मुश्किल चुटकियों में हल हो सकती है. गाजियाबाद के एक बुजुर्ग ये बात साबित भी करते दिख रहे हैं. दरअसल अपनी धुन के पक्के महिपाल सिंह ने एक ऐसी बीमारी को मात दी, जो देश-दुनिया में अरबों लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है. महिपाल सिंह ने सही सोच और मेहनत से अपनी जिंदगी की रफ्तार को भी बदल दिया और वो बुलंदियां हासिल करने लगे हैं, जिनके बारे में उनकी उम्र के लोग सोच भी नहीं पाते.

60 साल की उम्र में शुरू किया दौड़ना-
गाजियाबाद के रहने वाले महिपाल सिंह 65 साल की उम्र में भी शानदार तरीके से दौड़ लगाकर नौजवानों को भी मात देने की क्षमता रखते हैं. दिलचस्प बात यह है कि महिपाल सिंह ने 2021 में दौड़ना शुरु किया, जब इनकी उम्र 60 साल हो गई थी. अपने कामकाज से रिटायरमेंट के बाद आमतौर पर लोग आराम पसंद करते हैं. लेकिन महिपाल सिंह ने दौड़ने की ठान ली और अब दौड़ में ये इतने आगे निकल गए हैं कि तमाम पेशेवर धावकों को भी पछाड़ने की क्षमता रखते हैं. 

हालांकि इन्हें पहले से दौड़ने का कोई शौक नहीं था. लेकिन सेहत को दुरुस्त रखने के लिए इन्होंने जब दौड़ना शुरु किया तो यह इनका ऐसा शगल बन गया कि इसके जरिए ये अब बड़े मुकाम हासिल करने लगे हैं. 

करीब 200 मेडल जीत चुके हैं महिपाल सिंह-
हर दिन नियम से दौड़ने की आदत अब महिपाल सिंह का जुनून बन चुका है. अब ये देशभर में मैराथन सहित तमाम दौड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और कई रिकॉर्ड कायम करने के साथ बहुत से मेडल और ट्रॉफियां भी हासिल कर चुके हैं.

महिपाल सिंह ने पिछले 3 साल में अलग-अलग गेम्स और चैंपियनशिप में 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10 हजार मीटर रेस में कई बार गोल्ड मेडल जीते. इन्होंने 2023 में दुबई में इंटरनेश्नल गेम्स में 60+ की कैटेगरी में 1500 मीटर, 5 हजार मीटर, 10 हजार मीटर रेस में फर्स्ट पोजिशन हासिल की.

महिपाल सिंह अब तक 150 से ज्यादा मैराथन दौड़ में हिस्सा ले चुके हैं. इन्होंने दौड़ में अभी तक करीब 200 मेडल और 50 ट्रॉफियां जीती हैं.

नेवी में काम कर चुके हैं महिपाल-
महिपाल सिंह पहले भारतीय नौसेना में काम कर चुके हैं. इसके बाद इन्होंने अपना बिजनेस भी किया और दुकान चलाई. फिर जब डायबिटीज के कारण सेहत की समस्या शुरु हुई तो इन्होंने दौड़ने पर ध्यान लगाया. लिहाजा, अब अपने हौसले और मजबूत इरादे की बदौलत ये बीमारी से तो छुटकारा पा ही चुके हैं.

मोबाइल-टीवी से रहते हैं दूर-
महिपाल सिंह की रूटीन बेहद अनुशासित है. मोबाइल और टीवी से दूरी, संतुलित खान-पान की आदत और सादगी के कारण ये अब इस उम्र में बेहद खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं. इन्हें शौक है तो सिर्फ पुराने गाने सुनने का. अच्छी सेहत के लिए ये सभी को क्या संदेश और मंत्र देना चाहते हैं.

कुल मिलाकर महिपाल सिंह ने डायबिटीज की बीमारी को ही अपनी ताकत बना लिया और इससे निपटने के लिए जो रास्ता अपनाया, वह देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणादायक है.

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