T20 World Cup 2007 Final (Photo/X)
T20 World Cup 2007 Final (Photo/X)
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का आगाज 7 फरवरी से हो रहा है. ये मुकाबला 8 मार्च तक चलेगा. इसमें दुनिया की सभी बेहतरीन टीमें हिस्सा ले रही हैं. इस बीच टी20 वर्ल्ड कप के सबसे रोमांच फाइनल की याद ताजा हो गई है. उस रोमांच फाइनल का जिक्र होना चाहिए, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने हाथ से निकल गए मैच को अपने पाले में कर लिया था और टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बने थे. वो साल 2007 था और पहली बार टी20 वर्ल्ड कप का आयोजित हुआ था. चलिए उस आपको क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांच फाइनल मुकाबले का किस्सा बताते हैं.
किसके बीच खेला गया था फाइनल मुकाबला?
टी20 वर्ल्ड कप 2007 का फाइनल मुकाबल 24 सितंबर को चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच जोहांसबर्ग में खेला गया था. दुनिया की हर क्रिकेट प्रेमी की नजर इस मुकाबले पर थी. भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों की फौज थी. जिसमें गौतम गंभीर, यूसुफ पठान, युवराज सिंह, रोहित शर्मा, हरभजन सिंह, इरफान पठान जैसे प्लेयर थे. जबकि पाकिस्तान की टीम में कप्तान शोएब मलिक, मुस्बाह उल हक, सोहेल तनवीर, कमरान अकमल, यूनुस खान जैसे प्लेयर थे.
टीम इंडिया ने दिया 158 रन का टारगेट-
टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 157 रन बनाए. टीम की तरफ से गौतम गंभीर ने शानदार बल्लेबाजी की थी. गंभीर ने 75 रनों की पारी खेली थी. जिसमें उन्होंने 2 छक्के और 8 चौके लगाए थे. उनके अलावा रोहित शर्मा ने 30 रन और युसूफ पठान ने 15 रन बनाए थे. पाकिस्तान के गेंदबाज उमर गुल ने 3 खिलाड़ियों को आउट किया था.
जीत के इरादे से मैदान पर उतरी पाकिस्तानी टीम-
पाकिस्तान टीम को 158 रन का टारगेट मिला था. पाकिस्तान की टीम ने 18.5 ओवर में 9 विकेट पर 152 रन बना लिए थे. पाकिस्तानी बल्लेबाज इमरान नजीर ने 33 रन और यूसुफ खान ने 24 रन बनाए थे. जीत के लिए पाकिस्तान की पूरी उम्मीद मिस्बाह उल हक पर टिकी थी. वो आखिरी ओवर में भी मैदान पर मौजूद थे. आखिरी ओवर में पाकिस्तान की टीम को जीत के लिए 13 रन की जरूरत थी.
आखिरी ओवर का रोमांच-
टी20 वर्ल्ड कप 2007 का फाइनल जीतने के लिए पाकिस्तान को आखिरी ओवर में 13 रनों की जरूरत थी. लेकिन भारत को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी. पाकिस्तान के मशहूर बल्लेबाज मिस्बाह उल हक और मोहम्मद आसिफ क्रीज पर मौजूद थे.
कप्तान धोनी ने जोगिंदर शर्मा पर दांव लगाया. जोगिंदर शर्मा ने पहली गेंद वाइड फेंकी. लेकिन अगली गेंद पर जोगिंदर शर्मा ने कोई रन नहीं दिया. इसके बाद जोगिंद शर्मा ने ओवर की दूसरी गेंद फेंकी. इसपर मिस्बाह उल हक ने छक्का जड़ दिया. मैच में पाकिस्तान का पलड़ा भारी हो गया था.
अब पाकिस्तान को चैंपियन बनने के लिए 4 गेंद पर 6 रन की जरूरत थी. अभी भारत को जीत के लिए एक विकेट की दरकार थी. जोगिंदर शर्मा पर भारी दबाव था, जो उनके चेहरे पर भी दिख रहा था. उन्होंने तीसरी गेंद फेंकी. मिस्बाह उल हक ने स्कूप शॉट फाइन लेग के ऊपर से खेला. लेकिन गेंद हाईट के साथ हवा में झूल गई. उस तरफ श्रीसंत फिल्डिंग कर रहे थे, उन्होंने कैच पकड़ लिया. इसके साथ ही भारतीय खेमे में उत्साह और जोश भर गया. भारत वर्ल्ड चैंपियन बन चुका था. भारत ने फाइनल मुकाबला 5 रन से जीत लिया था और पहले टी20 वर्ल्ड कप पर कब्जा कर लिया था.
ये भी पढ़ें: