scorecardresearch

Women's Asia Cup Final: नकवी के इंतजार पर महिला क्रिकेट टीम का तमाचा, जीतने के बाद भी नहीं ली ट्रॉफी, जानें मैच का पूरा हाल

दुबई में खेले गए महिला एशिया कप के खिताबी मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 72 रनों के भारी अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की. मैदान पर भारत का दबदबा पूरी तरह कायम रहा, लेकिन मैच के बाद हुए प्रेजेंटेशन सेरेमनी में एक बड़ा गतिरोध देखने को मिला. चैंपियन बनने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान सरकार के मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी स्वीकार करने से साफ मना कर दिया.

Advertisement
टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार. (photo: ITG) टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार. (photo: ITG)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दुबई में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई. लेकिन टीम की इस शानदार जीत के बाद ट्रॉफी उठाने की बारी आई तो मामला कुछ अलग ही नजर आया. भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान सरकार में मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया.

भारत की जीत में शेफाली का बल्ला खूब चला
भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की पारियों का बड़ा योगदान रहा. शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन बनाए, जबकि स्मृति मंधाना ने भी 39 गेंदों पर 59 रनों की पारी खेली. शेफाली की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. वहीं स्मृति ने 5 चौके और 3 छक्के लगाए. दोनों ने मिलकर भारत को शानदार शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 129 रन जोड़े. इसके साथ शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया.

बाकी बल्लेबाजों ने भी दिया साथ
शेफाली और स्मृति के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 14 रन बनाए. रिचा घोष ने 13 गेंदों पर 17 रन की पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा 7 गेंदों में 5 रन बनाकर रन आउट हुईं. भारती फुलमाली 3 गेंदों में 2 रन बनाकर नाबाद रहीं और गुणालन कमलिनी ने सिर्फ 5 गेंदों पर 15 रन ठोकते हुए नाबाद पारी खेली. इस तरह भारत ने 20 ओवर में 183/5 का स्कोर खड़ा किया.

श्रीलंका 111 रन पर ही सिमट गया
184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं पाई. पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 72 रनों से अपने नाम कर लिया. श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने 36 रन बनाए, जबकि निलाक्षिका सिल्वा के बल्ले से 22 रन आए. भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 विकेट और दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई.

ट्रॉफी लेकर मंच पर इंतजार करते रहे नकवी
मैच खत्म होने के बाद मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन सेरेमनी के लिए मंच पर पहुंचे. उन्होंने श्रीलंका की टीम को रनर-अप अवॉर्ड दिया और श्रीलंकाई कप्तान चमारी अट्टापट्टू को रनर-अप का चेक भी सौंपा. इसके बाद चमारी अट्टापट्टू ने परवेज महारूफ से बातचीत की और कुछ ही देर में प्रेजेंटेशन सेरेमनी खत्म हो गई. नकवी भी ग्राउंड से बाहर चले गए. भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं दी गई और बिना ट्रॉफी दिए ही सेरेमनी समाप्त हो गई.

भारत ने नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार
भारत के इस रुख के चलते नकवी श्रीलंका को रनर-अप चेक देने के बाद वहां से चले गए. इस पूरे मामले पर भारतीय टीम के कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि BCCI ने जो फैसला लिया है, टीम उसके साथ है. उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है, वे चैंपियन हैं और यही काफी है.

मैच के दौरान भी मौजूद थे नकवी
फाइनल के आखिरी दौर में जब भारतीय टीम जीत के करीब पहुंच रही थी, उस वक्त मोहसिन नकवी अन्य गणमान्य लोगों के साथ बैठे हुए थे. उनके पास BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवाजीत सैकिया भी नजर आए. मैच समाप्त होने के बाद नकवी प्रेजेंटेशन सेरेमनी के लिए मंच पर पहुंचे. लेकिन भारतीय टीम ने उनके हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की और मामला बिना ट्रॉफी दिए ही खत्म हो गया.

2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल में भी हुआ था ऐसा
मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने का मामला नया नहीं है. सितंबर 2025 में पुरुष एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद भी भारतीय क्रिकेट टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण जियो-पॉलिटिकल रिश्तों का असर क्रिकेट के मैदान पर भी दिखाई दिया था. भारतीय टीम ने तब अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष से ट्रॉफी दिलाने का अनुरोध किया था, लेकिन नकवी ने भारत की इस मांग को स्वीकार नहीं किया. इसके बाद विवाद की स्थिति बनी और ACC के अधिकारी ट्रॉफी और मेडल लेकर मैदान से चले गए थे.

2025 के उस फाइनल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम एक घंटे से ज्यादा समय तक मंच पर बुलाए जाने का इंतजार करती रही थी. जीत के बाद भी आज तक भारतीय टीम को ACC से वह ट्रॉफी नहीं मिली है. मोहसिन नकवी अपने रुख पर कायम रहे थे कि भारतीय टीम के कप्तान को ट्रॉफी सीधे उनके हाथों से ही लेनी होगी. अब महिला एशिया कप के फाइनल में भी इसी तरह का गतिरोध दोबारा देखने को मिला.
 

ये भी पढ़ें