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Innovation: ट्रैफिक से परेशान होकर किया कमाल का इनोवेशन.... बनाया 2 इन 1 व्हीकल.... जीप भी बाइक भी

खास बात यह है कि उन्होंने यह काम बिना किसी इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा के किया. यह गाड़ी बैटरी और हाइड्रोलिक सिस्टम पर चलती है.

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Jeep cum Bike (Photo: Instagram/AKS Vlogs) Jeep cum Bike (Photo: Instagram/AKS Vlogs)

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में रहने वाले सुधीर अन्वेष कुमार ने एक ऐसी गाड़ी बनाई है जिसका आकार बदल सकता है. जी हां, यह गाड़ी जीप और बाइक दोनों का काम कर सकती है. खास बात यह है कि उन्होंने यह काम बिना किसी इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा के किया. यह गाड़ी बैटरी और हाइड्रोलिक सिस्टम पर चलती है.

कार और बाइक दोनों का अनुभव
यह गाड़ी सामान्य तौर पर चार लोगों की जीप है. लेकिन ट्रैफिक में फंसने पर इसकी चौड़ाई बाइक जितनी कम हो सकती है. अकेले ड्राइव करते समय यह बाइक मोड में चल सकती है. ट्रैफिक जाम में आसानी से निकल जाती है.

ट्रैफिक जाम से मिला आइडिया
सुधीर जब हैदराबाद और बेंगलुरु में काम करते थे, तब उन्हें रोज़ाना भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता था. उन्होंने देखा कि बाइक आसानी से निकल जाती है लेकिन कारें फंसी रह जाती हैं. यहीं से कार-बाइक मोड बदलने वाली गाड़ी का आइडिया आया.

वाहन की खासियतें

  • लंबाई: 7 फीट
  • चौड़ाई: 2.11 फीट (बाइक मोड में)
  • चौड़ाई: 4.2 फीट (जीप मोड में)
  • बैटरी और हाइड्रोलिक सिस्टम से चलती है.
  • दो फोल्डेबल सीटें जो फैलने पर चार हो जाती हैं.
  • लोड कैपेसिटी: 1.5 टन
  • वाहन का वजन: 410 किलो
  • 4 लोगों के साथ कुल वजन: 730 किलो

कम लागत में बना इनोवेशन
इस गाड़ी को बनाने में सुधीर ने लगभग 2 लाख रुपये खर्च किए. इसमें इंजन, टायर, बैटरी, हाइड्रोलिक सिस्टम, मेटल बॉडी, पेंट, सीट, स्टीयरिंग और ब्रेकिंग सिस्टम शामिल हैं. सुधीर ने इस गाड़ी का नाम MZ रखा, जो स्टाइलिश नाम BMW से प्रेरित है. मई में उन्होंने काकीनाडा के कर्णमगारी जंक्शन पर इसका ट्रायल रन किया और सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए.

गाड़ी की चर्चा के बाद जेएनटीयू और आदित्य यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मानित किया. सुधीर एक यूएई-आधारित कंपनी के साथ 50 से 75 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर बात कर रहे हैं. सुधीर का कहना है कि अगर उन्हें सरकारी मदद मिले, तो वे समाज के लिए और भी नवाचारी प्रोजेक्ट्स बना सकते हैं.