scorecardresearch

क्या वेबसाइट पर Accept Cookies करने से आपका फोन हैक हो सकता है? जानें कुकीज कैसे करती हैं काम और किन बातों का रखें ध्यान

जब आप Accept Cookies पर क्लिक करते हैं, तो वेबसाइट अपनी कुकी नीति के अनुसार आपके डिवाइस पर कुकीज सेव कर सकती है. इसमें कुछ कुकीज वेबसाइट को सही तरीके से चलाने में मदद करती हैं, जबकि कुछ का इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने और आपकी ब्राउजिंग गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है.

Advertisement
Accept Cookies Accept Cookies
हाइलाइट्स
  • क्या होती हैं वेबसाइट कुकीज और ये कैसे काम करती हैं?

  • क्या हर वेबसाइट पर कुकीज को रिजेक्ट करना चाहिए?

आजकल लगभग हर वेबसाइट खोलते ही स्क्रीन पर Accept Cookies या Reject Cookies का पॉप-अप दिखाई देता है. ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे Accept पर क्लिक कर देते हैं. लेकिन क्या ऐसा करने से आपका फोन या कंप्यूटर हैक हो सकता है? क्या कुकीज के जरिए साइबर अपराधी आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं? साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, कुकीज स्वीकार करने भर से आपका डिवाइस अपने आप हैक नहीं होता, लेकिन इससे आपकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है. कुछ परिस्थितियों में कुकीज की चोरी आपके ऑनलाइन अकाउंट की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है.

क्या होती हैं वेबसाइट कुकीज?
कुकीज छोटे डेटा या टेक्स्ट फाइलों की तरह होती हैं, जिन्हें वेबसाइट आपके ब्राउजर में सेव करती है. इनकी मदद से वेबसाइट आपकी कुछ जानकारियां याद रख पाती है. उदाहरण के लिए, आपने किस भाषा का विकल्प चुना है, आपका अकाउंट लॉगिन है या नहीं और ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आपने कार्ट में कौन-से सामान रखे हैं. इससे हर बार वेबसाइट खोलने पर आपको सारी जानकारी दोबारा नहीं भरनी पड़ती.

'Accept Cookies' करने से क्या होता है?
जब आप Accept Cookies पर क्लिक करते हैं, तो वेबसाइट अपनी कुकी नीति के अनुसार आपके डिवाइस पर कुकीज सेव कर सकती है. इसमें कुछ कुकीज वेबसाइट को सही तरीके से चलाने में मदद करती हैं, जबकि कुछ का इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने और आपकी ब्राउजिंग गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है. उदाहरण के लिए, आपने किसी वेबसाइट पर जूते देखे और फिर दूसरी वेबसाइट या सोशल मीडिया पर उसी तरह के जूतों के विज्ञापन दिखाई देने लगे. ऐसा आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करने वाली विज्ञापन कुकीज के कारण हो सकता है.

क्या कुकीज से फोन या लैपटॉप हैक हो सकता है?
सिर्फ 'Accept Cookies' पर क्लिक करने से फोन या कंप्यूटर अपने आप हैक नहीं होता. हालांकि, कुकीज में लॉगिन सेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हो सकती है. अगर साइबर अपराधी किसी तरह ऐसी कुकी चुरा लेते हैं, तो कुछ मामलों में वे पासवर्ड डाले बिना भी आपके अकाउंट में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं.

कुकीज से आपकी प्राइवेसी को क्या खतरा है?
कुकीज का सबसे आम जोखिम आपकी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी से जुड़ा है. विज्ञापन कुकीज यह समझने में मदद कर सकती हैं कि आप किन विषयों, उत्पादों या वेबसाइटों में दिलचस्पी लेते हैं. जब इस तरह की जानकारी दूसरे स्रोतों से मिले निजी डेटा के साथ जुड़ जाती है, तो आपकी ऑनलाइन आदतों और रुचियों की विस्तृत प्रोफाइल बनाई जा सकती है. इसका इस्तेमाल आपको लक्षित विज्ञापन दिखाने या धोखाधड़ी के लिए निशाना बनाने में किया जा सकता है.

Accept Cookies करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • वेबसाइट विकल्प दे, तो Essential Cookies Only या Reject Optional Cookies का विकल्प चुन सकते हैं.

  • संदिग्ध वेबसाइटों और ईमेल या मैसेज में मिले अनजान लिंक पर क्लिक न करें.

  • निजी जानकारी भरने से पहले जांचें कि वेबसाइट का पता HTTPS से शुरू होता है. हालांकि, HTTPS होने का मतलब यह नहीं कि वेबसाइट पूरी तरह भरोसेमंद है.

  • सार्वजनिक या साझा कंप्यूटर पर लॉगिन करते समय इस विकल्प से बचें.

  • ब्राउजर की सेटिंग में जाकर कुकीज और साइट डेटा हटाएं. इससे कुछ वेबसाइटों से लॉगआउट होना पड़ सकता है.

  • समय-समय पर लॉगिन हिस्ट्री देखें और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें.

क्या हर बार कुकीज को रिजेक्ट करना चाहिए?
जरूरी नहीं. सभी कुकीज खतरनाक नहीं होतीं. कुछ कुकीज वेबसाइट की बुनियादी सुविधाओं के लिए जरूरी होती हैं. अगर आप सभी कुकीज बंद कर देते हैं, तो बार-बार लॉगिन करना पड़ सकता है, शॉपिंग कार्ट की जानकारी हट सकती है या वेबसाइट की कुछ सुविधाएं ठीक से काम नहीं कर सकतीं. इसलिए बेहतर है कि वेबसाइट के विकल्पों को पढ़ें और गैर-जरूरी ट्रैकिंग कुकीज को एक्सेप्ट करने से बचें.

ये भी पढ़ें: