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खो गया या चोरी हो गया है iPhone तो आप हो सकते है साइबर फ्रॉड का शिकार, समझें जालसाजों का पूरा तरीका

साइबर फ्रॉड नई तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. अगर आपका iPhone चोरी हो गया है या खो गया है तो जल्दबाजी ना करें. जल्दबाजी Find My iPhone के जरिए फोन ट्रैक करने की कोशिश ना करें. कोई भी लिंक या मैसेज आता है तो उसे बिना वेरिफाई करे, उसपर क्लिक ना करें.

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दिल्ली के एक व्यस्त कारोबारी इलाके में रहने वाले एक शख्स के लिए वह दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं था. ऑफिस से लौटते वक्त मेट्रो की भीड़ में उनका iPhone कहीं गिर गया या शायद चोरी हो गया. उन्हें ठीक-ठीक पता नहीं चला. घर पहुंचते ही उन्होंने Find My iPhone के जरिए फोन ट्रैक करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ दिख रहा था. घबराहट, चिंता और बेचैनी एक साथ उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहे थे. अभी यह व्यक्ति इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि कुछ घंटों बाद उनके फोन पर एक SMS आया. संदेश बिल्कुल आधिकारिक लग रहा था, जैसे Apple Support से आया हो. उसमें लिखा था कि उनका खोया हुआ iPhone अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और यदि वे तुरंत कार्रवाई नहीं करते, तो उनका सारा डेटा खतरे में पड़ सकता है. साथ ही एक लिंक दिया गया था, जिस पर क्लिक करके वे अपने डिवाइस को सुरक्षित कर सकते थे. 
उस व्यक्ति के लिए यह उम्मीद की किरण थी. उन्होंने बिना ज्यादा सोचे उस लिंक पर क्लिक किया. लिंक खुलते ही एक वेबसाइट सामने आई, जो बिल्कुल Apple की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिख रही थी. वही डिजाइन, वही लोगो, वही इंटरफेस. दिल्ली के इस व्यक्ति को जरा भी शक नहीं हुआ. उन्होंने तुरंत अपना Apple ID और पासवर्ड डाल दिया. इसके बाद स्क्रीन पर OTP डालने का ऑप्शन आया. उसी समय उनके फोन पर Apple की ओर से एक OTP आया. उन्होंने वह भी डाल दिया. बस यहीं से खेल खत्म हो गया. कुछ ही मिनटों में उनका iCloud अकाउंट हैक हो चुका था. जालसाजों ने उनके अकाउंट से iPhone को हटा दिया, Find My iPhone फीचर बंद कर दिया और फोन पर पूरी तरह अपना कब्जा जमा लिया. जब तक वह शख्स ये समझ पाता तब तक बहुत देर हो चुकी थी. जी हां ये सिर्फ एक कहानी नहीं, एक ट्रेंड है. यह घटना अकेली नहीं है.

कैसे होता है फ्रॉड?
देशभर में इस तरह के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. खासतौर पर वे लोग निशाने पर हैं जिनका iPhone खो जाता है या चोरी हो जाता है. जालसाज पहले फोन चुराते हैं या उनके पास किसी तरह से खोया हुआ फोन पहुंचता है. फिर वे पीड़ित को फर्जी SMS भेजते हैं, जिसमें Apple Support या Find My iPhone का हवाला दिया जाता है. संदेश इतना असली लगता है कि कोई भी आसानी से धोखा खा सकता है. जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करता है, उसे एक नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जहां उससे Apple ID, पासवर्ड और OTP मांगा जाता है. और जैसे ही यह जानकारी जालसाजों के हाथ लगती है, वे पीड़ित के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम पर कब्जा कर लेते हैं.

कैसे काम करता है जालसाजों का नेटवर्क?
इस तरह के साइबर अपराध को 'हाइब्रिड साइबर क्राइम' कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें फिजिकल चोरी और डिजिटल फ्रॉड दोनों शामिल हैं. अपराधी उन लोगों को निशाना बनाते हैं, जिनका iPhone हाल ही में खोया या चोरी हुआ हो. फर्जी SMS भेजते है. पीड़ित को Apple Support के नाम पर एक मैसेज भेजा जाता है, जिसमें तात्कालिक कार्रवाई की बात कही जाती है. लिंक पर क्लिक करते ही एक फर्जी Apple लॉगिन पेज खुलता है, जो असली जैसा ही दिखता है. यूजर से Apple ID, पासवर्ड और OTP लिया जाता है. जालसाज अकाउंट में घुसकर Find My iPhone बंद कर देते हैं और डिवाइस को अनलॉक कर लेते हैं. इसके बाद फोन को आसानी से बेच दिया जाता है या दोबारा इस्तेमाल किया जाता है.

किस तरीके की गलती करते हैं लोग?
व्यक्ति किस तरीके की गलती करते हैं जैसा कि दिल्ली के शख्स ने उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया या गायब हो गया. उसके बाद जो आम व्यक्ति करता है, वहीं उसने किया. उन्होंने भरोसा किया. लेकिन साइबर दुनिया में यही सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है. उन्होंने बिना URL जांचे लिंक पर क्लिक किया. उन्होंने अपनी Apple ID और पासवर्ड डाला. उन्होंने OTP भी शेयर कर दिया. यही तीन गलतियां उनके लिए भारी पड़ गईं. सावधानी ही सुरक्षा है.

कुछ जरूरी बातें ध्यान रखना बेहद आवश्यक है-

  • किसी भी अनजान SMS में आए लिंक पर क्लिक न करें. हमेशा URL को ध्यान से जांचें. 
  • OTP कभी भी किसी वेबसाइट या व्यक्ति के साथ साझा न करें. 
  • Find My iPhone फीचर हमेशा चालू रखें.
  • अपने Apple ID से किसी भी डिवाइस को बिना जांचे न हटाएं.
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें
  • दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) हमेशा चालू रखें.
  • सिस्टम भी सतर्क, लेकिन खतरा बरकरार.
  • भारत सरकार की साइबर एजेंसियां इस तरह के मामलों पर नजर बनाए हुए हैं.
  • 9लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे इस तरह के फिशिंग अटैक से बचें.

साइबर क्रिमिनल मानसिक खेल खेलते हैं-
डर और जल्दबाजी इस तरह के फिशिंग अटैक का सबसे बड़ा हथियार है. 'आपका डेटा खतरे में है', 'आपका फोन बंद हो जाएगा', 'तुरंत कार्रवाई करें' ऐसे संदेश लोगों को सोचने का मौका ही नहीं देते और यही वह क्षण होता है, जब इंसान गलती कर बैठता है.

डिजिटल युग का नया खतरा-
आज के दौर में हमारा फोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि हमारी पूरी जिंदगी का डिजिटल रिकॉर्ड है- फोटो, बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, सब कुछ. और यही कारण है कि साइबर अपराधी अब सिर्फ पैसे नहीं, आपकी पहचान भी चुराने लगे हैं. 

क्या करें अगर आप शिकार बन जाएं? 
अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो जाए, तो तुरंत अपने Apple ID का पासवर्ड बदलें. सभी जुड़े डिवाइस चेक करें. साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें. हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें.

याद रखिए, हर लिंक सुरक्षित नहीं होता, हर संदेश सच्चा नहीं होता, और हर जल्दबाजी सही नहीं होती. आपकी एक सावधानी, आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है. साइबर दुनिया में भरोसा नहीं, सत्यापन ही सुरक्षा है.

(जितेंद्र सिंह की रिपोर्ट)

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