Digitally Arrest Mother-Son
Digitally Arrest Mother-Son
साइबर ठग अब लोगों को डराने के लिए पुलिस ही नहीं, बल्कि CBI और RBI जैसे बड़े संस्थानों का नाम भी इस्तेमाल कर रहे हैं. गुजरात के वडोदरा में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला और उसके बेटे को कथित तौर पर CBI और RBI अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया. आरोपियों ने परिवार को इतना डरा दिया कि उन्होंने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तक तुड़वा दी. इसके बाद अलग-अलग खातों से कुल 1 करोड़ 53 लाख 40 हजार 47 रुपए एक खाते में ट्रांसफर करा लिए. ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित परिवार ने वडोदरा साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पति के नाम संदिग्ध ट्रांजेक्शन का डर दिखाया
जानकारी के मुताबिक, 31 जुलाई को एक अज्ञात व्यक्ति ने बुजुर्ग महिला को फोन किया. कॉल करने वाले ने कहा कि उनके दिवंगत पति के नाम पर मुंबई से एक क्रेडिट कार्ड जारी हुआ है. इस कार्ड से 1 लाख रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया गया है. अचानक पति के नाम पर हुए कथित फ्रॉड की बात सुनकर महिला घबरा गईं. उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी अपने बेटे को दी. इसके बाद ठगों ने मां-बेटे को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया.
वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में दिखा शख्स
महिला को जल्द ही वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल आई. कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया. उसने खुद को अधिकारी बताते हुए परिवार से पूछताछ शुरू कर दी. इसके बाद आरोपियों ने परिवार पर लगातार दबाव बनाए रखा. 3 से 12 अगस्त के बीच उन्हें RBI और दूसरे बैंकों के आधिकारिक दिखने वाले दस्तावेज भेजे गए. इन दस्तावेजों पर कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और मोहर भी लगाई गई थीं, ताकि परिवार को यकीन हो जाए कि सामने वाले सच में सरकारी अधिकारी हैं.
जांच पूरी होने तक सरकारी खाते में रखनी होगी रकम
आरोपियों ने परिवार से कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने तक उनकी सारी रकम एक सरकारी खाते में जमा करनी होगी. ठगों ने कथित तौर पर परिवार को यह भी भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी. सरकारी जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर आरोपियों ने परिवार पर इतना दबाव बनाया कि उन्होंने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वा दी. इसके बाद अलग-अलग खातों से रकम ट्रांसफर कराकर कुल 1.53 करोड़ रुपए से ज्यादा एक खाते में जमा करा लिए गए.
परिचित ने बताया- साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं
कई दिनों तक आरोपियों के संपर्क में रहने के बाद परिवार को एक परिचित ने मामले की जानकारी दी. परिचित ने साइबर ठगी की आशंका जताई और परिवार को सावधान किया. इसके बाद मां-बेटे को समझ आया कि वे सरकारी अधिकारियों के नाम पर चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं. उन्हें अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई.
साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
मामले के सामने आने के बाद पीड़ित परिवार वडोदरा साइबर थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब पुलिस उन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी के दौरान किया गया.
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