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Cooling Fabric: अब AC जैसी ठंडक देगा बैंगनी कपड़ा, धूप में भी शरीर को रखेगा ठंडा, त्वचा रहेगी 8 डिग्री तक कूल

गर्मियों में डार्क रंग पहनना अब आपको गर्म नहीं करेगा. चीन और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने ऐसा गहरा बैंगनी फैब्रिक तैयार किया है, जो सूरज की करीब 88% किरणों को रिफ्लेक्ट करता है और कॉटन से 6.2 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा ठंडा रह सकता है. इसमें नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह बिना बिजली के शरीर को ठंडक देने में मदद करता है.

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Smart Cooling Purple Fabric Smart Cooling Purple Fabric

गर्मियों में तेज धूप और बढ़ते तापमान से राहत पाने के लिए लोग हल्के रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं. माना जाता है कि काले और गहरे रंग सूरज की गर्मी को ज्यादा सोखते हैं, जिससे शरीर अधिक गर्म महसूस करता है. लेकिन वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसा गहरे बैंगनी रंग का खास कपड़ा तैयार किया है, जो सफेद कपड़े और सामान्य कॉटन से भी ज्यादा ठंडा रह सकता है. इस कपड़े को बिना किसी बिजली के ठंडा रखने के लिए खास नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. तो चलिए आपको बताते हैं कि ये कपड़ा कैसे काम करता है.

चीन और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने तैयार किया फैब्रिक
इस खास फैब्रिक को चीन की झेंग्झौ यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की टीम ने मिलकर तैयार किया है. इसका उद्देश्य ऐसा कपड़ा बनाना था, जो गर्मी से राहत देने के साथ-साथ फैशन में रंगों की पसंद को भी सीमित न करे. खास बात यह है कि वैज्ञानिकों ने ऐसे रंग को ठंडा बनाने में सफलता हासिल की है, जिसे अब तक इसके गहरे शेड के कारण चुनौतीपूर्ण माना जाता था.

ऐसे ठंडा रखता है बैंगनी कपड़ा
बैंगनी रंग को तैयार करने के लिए कपड़े के बेहद सूक्ष्म रेशों में पर्पल मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क और जिंक ऑक्साइड नैनोपार्टिकल्स को जोड़ा गया. मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क कपड़े को बैंगनी रंग देता है, जबकि जिंक ऑक्साइड सूरज की सोलर रेडिएशन को रिफ्लेक्ट करने में मदद करता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह फैब्रिक करीब 87.6% सोलर रेडिएशन को वापस रिफ्लेक्ट करता है. साथ ही यह 96.4% मिड-इंफ्रारेड रेडिएशन को वातावरण के पार अंतरिक्ष में भेज सकता है. यही प्रक्रिया कपड़े को बिना बिजली के ठंडा रखने में मदद करती है.

कॉटन से 6.2 डिग्री तक ज्यादा ठंडा
टेस्टिंग के दौरान यह फैब्रिक सामान्य परिस्थितियों में कॉटन की तुलना में 6.2 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा पाया गया. वहीं साधारण सफेद कपड़े के मुकाबले भी यह करीब 4.2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा ठंडा रहा. त्वचा पर किए गए परीक्षण में इस कपड़े से ढकी त्वचा का तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस तक कम रखने में सफलता मिली. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैब्रिक हल्का, लचीला और हवादार भी है. इसकी वजह से इसे पहनने पर पसीना आसानी से सूख सकता है. वैज्ञानिकों की यह खोज भविष्य में गर्म इलाकों में पहने जाने वाले कपड़ों को ज्यादा आरामदायक और ऊर्जा की बचत करने वाला बनाने में मदद कर सकती है.

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