सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो
टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने के लिए फास्टैग अब जरूरी है. लेकिन कई बार वाहन चालकों को अचानक पता चलता है कि उनका फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो गया है. ऐसे में टोल पर उन्हें अतिरिक्त शुल्क या जुर्माना भी देना पड़ सकता है.
असल में फास्टैग के ब्लैकलिस्ट होने की वजह कई बार चालक की छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जो अक्सर अनजाने में हो जाती हैं. इसलिए यह समझना जरूरी है कि फास्टैग किन कारणों से ब्लैकलिस्ट होता है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए.
फास्टैग अकाउंट में बैलेंस खत्म होना
फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने का सबसे आम कारण वॉलेट में बैलेंस का कम या खत्म होना है. अगर आपके फास्टैग अकाउंट में पर्याप्त रकम नहीं है और आप बार-बार टोल पार करते हैं, तो सिस्टम आपके टैग को ब्लैकलिस्ट कर सकता है.
KYC पूरा या अपडेट न होना
KYC अपडेट न होना भी फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने की बड़ी वजह है. NHAI के नियमों के अनुसार फास्टैग अकाउंट का KYC पूरा और वैलिड होना जरूरी है. अधूरा या एक्सपायर KYC होने पर टैग ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है.
एक ही वाहन पर एक से ज्यादा फास्टैग होना
कई बार लोग नया फास्टैग लगवा लेते हैं, लेकिन पुराने टैग को बंद नहीं करवाते. एक ही गाड़ी पर दो फास्टैग होने से सिस्टम में गड़बड़ी होती है और इसी वजह से फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है.
गलत वाहन कैटेगरी का इस्तेमाल
अगर कार के लिए जारी फास्टैग का इस्तेमाल किसी कमर्शियल या अलग श्रेणी के वाहन में किया जाए, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियां टैग को ब्लैकलिस्ट कर सकती हैं.
फास्टैग के साथ छेड़छाड़ या गलत इस्तेमाल
फास्टैग को निकालकर दूसरे वाहन में लगाना, टैग से छेड़छाड़ करना या गलत तरीके से उपयोग करना नियमों के खिलाफ है. ऐसी स्थिति में भी टैग ब्लैकलिस्ट होने की संभावना बढ़ जाती है.