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बच्चों के हाथ से छुड़वाना चाहते हैं Phone, तो छीनें नहीं... बस ऑन कर दें ये एक Feature, खुद ही छोड़ देंगे परेशान होकर

आजकल बच्चों में फोन का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. इसका सीधा असर उनकी आंखों और दिमाग पर पड़ता है. लेकिन फोन की एक सेटिंग को ऑन करने से उनके स्क्रीन टाइम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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आजकल बच्चे मोबाइल पर वीडियो देखने, गेम खेलने और सोशल मीडिया चलाने में काफी समय बिताते हैं. तो वहीं मां-बाप इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि बच्चे का स्क्रीन टाइम कैसे कम किया जाए. अगर आप भी इसी चिंता में हैं, तो फोन की एक आसान सेटिंग आपकी मदद कर सकती है. 

साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स और डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि Grayscale Mode (ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन) चालू करने से बच्चों का फोन इस्तेमाल करने का मन पहले की तुलना में कम हो सकता है, क्योंकि रंगों की चमक खत्म होने से स्क्रीन उतनी अट्रैक्टिव नहीं लगती.

क्या है Grayscale Mode?

Grayscale Mode एक ऐसी सेटिंग है, जिसमें फोन की रंगीन स्क्रीन काले, सफेद और ग्रे रंग में बदल जाती है. इससे ऐप, गेम और वीडियो पहले जितने रंगीन और अट्रैक्टिव नहीं दिखते. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रंगों की कमी होने पर बच्चे बार-बार फोन देखने की इच्छा कम महसूस कर सकते हैं. लेकिन, यह कोई जादुई तरीका नहीं है, बल्कि अच्छी डिजिटल आदतें बनाने में मदद करने वाला एक आसान उपाय है.

Android फोन में Grayscale Mode कैसे चालू करें?

अगर आपके बच्चे के पास Android फोन है, तो Settings में जाएं. इसके बाद Accessibility या Digital Wellbeing का ऑप्शन खोलें. यहां Color Correction, Color Filters या Grayscale जैसा ऑप्शन मिल सकता है. अलग-अलग कंपनियों के फोन में इसका नाम थोड़ा अलग हो सकता है. इसे चालू करते ही स्क्रीन ब्लैक एंड व्हाइट हो जाएगी.

iPhone में Grayscale Mode कैसे ऑन करें?

iPhone में Settings खोलें और Accessibility पर जाएं. इसके बाद Display & Text Size में जाकर Color Filters चालू करें और Grayscale चुन लें. इसके बाद फोन की पूरी स्क्रीन काले और सफेद रंग में दिखाई देने लगेगी.

सिर्फ यही सेटिंग काफी नहीं है

Grayscale Mode मदद जरूर कर सकता है, लेकिन बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए सिर्फ इसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए. मां-बाप फोन में Screen Time, App Limits और Parental Controls जैसे फीचर का भी इस्तेमाल करें. साथ ही बच्चों के साथ आउटडोर खेल, किताबें पढ़ने और परिवार के साथ समय बिताने जैसी आदतों को बढ़ावा दें. बच्चों का फोन अचानक छीन लेने की बजाय उन्हें समझाएं कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों, पढ़ाई और नींद पर असर पड़ सकता है.