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Car Blower Tips: कार का ब्लोअर हो सकता है सेहत के लिए खतरनाक, दम घुटने से लेकर जा सकती है जान

अगर आप घंटों तक कार का केबिन पूरी तरह बंद करके ब्लोअर चलाते रहेंगे, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकती है.

Car Blower Car Blower

सर्दी बढ़ते ही ज्यादातर लोग कार में बैठते ही कार का ब्लोअर ऑन कर देते हैं. साथ ही ठंडी हवा से बचने के लिए शीशे भी बंद कर लेते हैं. लेकिन अगर आप घंटों तक कार का केबिन पूरी तरह बंद करके ब्लोअर चलाते रहेंगे, तो यह आदत आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकती है. कई बार छोटी-सी गलती भी बड़े हादसे की वजह बन जाती है. लंबे समय तक ब्लोअर चलाना क्यों नुकसानदायक हो सकता है चलिए बताते हैं.

ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर कार के सभी शीशे पूरी तरह बंद कर लेते हैं और ब्लोअर/हीटर चालू कर देते हैं. शुरुआत में यह तरीका काफी आरामदायक लगता है, लेकिन कुछ समय बाद कार के अंदर घुटन जैसी फीलिंग आने लगती है. दरअसल ब्लोअर का इस्तेमाल करते समय कार के अंदर वेंटिलेशन बना रहना बेहद जरूरी होता है. लेकिन शीशे भी बंद होने की वजह से यह नहीं हो पाता. अगर हवा का आना-जाना बंद हो जाए, तो अंदर ऑक्सीजन का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है.

कैसा पड़ता है सेहत पर असर
इसका असर आपके शरीर पर साफ दिख सकता है जैसे आपको सांस लेने में परेशानी हो सकती है. साथ ही सिरदर्द, चक्कर आना, सुस्ती और भारीपन जैसी समस्या हो सकती है. यहां तक की लंबे समय तक इस तरह के माहौल में रहने से बेहोशी का खतरा भी रहता है. कुछ मामलों में बंद केबिन में लंबे समय तक रहने से जान जाने का भी जोखिम बढ़ जाता है. केबिन बंद होने से कार्बन डाइऑक्साइड का लेवल बढ़ जाता है. जिससे घुटन हो सकती है.

क्यों महसूस होती है घुटन?
जब कार का केबिन पूरी तरह बंद होता है और लंबे समय तक ताजी हवा नहीं मिलती, तो अंदर कार्बन डाइऑक्साइड का लेवल बढ़ जाता है. यही वजह है कि कुछ देर बाद दम घुटने जैसा महसूस होता है. यह स्थिति तब और ज्यादा खतरनाक हो जाती है जब कार में बच्चे मौजूद हों. कई बार लोग बच्चों को कार में छोड़कर बाहर किसी काम से चले जाते हैं, जो बड़ी लापरवाही साबित हो सकती है. बंद कार में हवा का प्रवाह रुकने से बच्चे जल्दी घुटन महसूस कर सकते हैं और गंभीर स्थिति तक पहुंच सकते हैं.

रिसर्क्युलेशन मोड से भी बढ़ती है परेशानी
ड्राइविंग के दौरान ब्लोअर चलाते समय 'रिसर्क्युलेशन मोड' पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. यह मोड कार के अंदर की हवा को ही बार-बार घुमाता रहता है. अगर इसे लंबे समय तक ऑन रखा जाए और ताजी हवा अंदर न आए, तो केबिन में ऑक्सीजन घटने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए बेहतर यही है कि फ्रेश एयर वेंट चालू रखें या फिर शीशे थोड़े-थोड़े समय पर खोल दें. इससे केबिन में हवा बनी रहती है और घुटन जैसी समस्या कम हो जाती है.

गाड़ी की सेहत पर भी पड़ता है असर
लंबे समय तक ब्लोअर चलाने से आपकी सेहत के साथ-साथ कार की परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ सकता है. लगातार ब्लोअर चलाने से माइलेज थोड़ा कम हो सकता है. इसके अलावा इंजन बंद होने के बाद अगर ब्लोअर चलता रहा, तो बैटरी डिस्चार्ज होने का खतरा बढ़ जाता है.

अगर आप सर्दी में ब्लोअर का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ बेसिक सावधानियां आपको जरूर अपनानी चाहिए. जिसमें सबसे पहले शामिल है कि शीशे पूरी तरह बंद न करें. साथ ही समय-समय पर ताजी हवा आने दें. इसके अलावा बच्चों को कार में अकेला छोड़कर कभी न जाएं.