
गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है, जहां लगभग हर सवाल का जवाब मिल जाता है. लोग अक्सर बैंक, किसी कंपनी या सरकारी विभाग का कस्टमर केयर नंबर जानने के लिए गूगल पर सर्च करते हैं. लेकिन यही प्रोसेस कई बार खतरनाक साबित हो जाता है, क्योंकि गूगल पर मौजूद हर नंबर असली या आधिकारिक हो, यह जरूरी नहीं है.
कैसे फर्जी नंबर आते हैं सामने?
गूगल अपने एल्गोरिदम, SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) और एडवर्टाइजमेंट के आधार पर रिजल्ट दिखाता है. इसमें सही नंबर भी होते हैं, लेकिन साइबर अपराधी नकली वेबसाइट और पेड ऐड के जरिए फर्जी कस्टमर केयर नंबर को टॉप पर दिखा देते हैं.
साइबर क्रिमिनल्स कैसे फंसाते हैं जाल में?
जब आप किसी फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर बात करते हैं, तो उनके पास आपको फंसाने के कई तरीके मौजूद होते है. इसमें कई प्रकार से फंसाया जाता है.
असली कस्टमर केयर एजेंट क्या नहीं करते?
अगर आप किसी भी कंपनी से असली एजेंट से बात करेंगे तो वह आपकी परेशानी को दूर करेंगे. साथ ही उनकी पहचान कर पाने के कई तरीके होते हैं.
सही कस्टमर केयर नंबर कहां से लें?
अगर हो जाएं स्कैम का शिकार तो क्या करें?
फर्जी कस्टमर केयर नंबर से जुड़े स्कैम ज़्यादातर उन सेवाओं में होते हैं जहां पैसों का लेन-देन, अकाउंट सिक्योरिटी और तुरंत मदद की जरूरत होती है. इसलिए हमेशा सतर्क रहें और केवल ऑफिशियल सोर्स से ही सही कस्टमर केयर नंबर प्राप्त करें.