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लैपटॉप की ओवरहीटिंग की परेशानी, कहीं जेब पर न पड़े गर्म.. पहले ही जान लें कैसे दूर करें दिक्कत

जिन लोगों का काम आमतौर पर रोज लैपटॉप पर काम करने का होता है. वह अच्छे से जानते हैं कि लैपटॉप की ओवरहीटिंग वाली परेशानी कितना परेशान करती है. काम ठीक से नहीं हो पाता. इसके अलावा बार-बार रिस्टार्ट करना पड़ता है वो अलग.

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आज के समय में लैपटॉप पढ़ाई, ऑफिस वर्क, ऑनलाइन मीटिंग और एंटरटेनमेंट का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है. लेकिन कई लोग एक ऐसी समस्या का सामना करते हैं जो धीरे-धीरे उनके डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकती है. हम बात कर रहे हैं लैपटॉप के जरूरत से ज्यादा गर्म होने यानी ओवरहीटिंग की. अगर आपका लैपटॉप बार-बार गर्म हो रहा है, तो इसकी वजह कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि आपकी कुछ रोजमर्रा की आदतें भी हो सकती हैं.

बिस्तर या सोफे पर रुकता लैपटॉप एयरफ्लो
कई लोग आराम के लिए बिस्तर, तकिए या सोफे पर लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं. यह आदत डिवाइस के लिए नुकसानदायक हो सकती है. लैपटॉप के नीचे मौजूद एयर वेंट्स को खुली जगह की जरूरत होती है ताकि गर्म हवा बाहर निकल सके. जब आप इसे मुलायम सतह पर रखते हैं, तो एयर फ्लो रुक जाता है और सिस्टम तेजी से गर्म होने लगता है.

बिना ब्रेक के घंटों तक न करें इस्तेमाल
अगर आप लगातार कई घंटों तक लैपटॉप पर काम करते हैं, गेम खेलते हैं या वीडियो एडिटिंग करते हैं, तो प्रोसेसर और अन्य हार्डवेयर पार्ट्स पर लगातार दबाव बना रहता है. इससे तापमान तेजी से बढ़ सकता है. बेहतर होगा कि लंबे समय तक काम करने के दौरान बीच-बीच में कुछ मिनट का ब्रेक दें ताकि सिस्टम को ठंडा होने का मौका मिल सके.

धूल जमा होने से बढ़ती है परेशानी
समय के साथ लैपटॉप के फैन और एयर वेंट्स में धूल जमा हो जाती है. यह धूल हवा के फ्लो को प्रभावित करती है, जिससे कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता. नतीजतन लैपटॉप जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगता है. 

जरूरत से ज्यादा ऐप्स खोलकर न रखें
एक साथ कई टैब, सॉफ्टवेयर और बैकग्राउंड ऐप्स चलाने से रैम और प्रोसेसर पर दबाव पड़ता है. इससे सिस्टम ज्यादा मेहनत करता है और गर्मी पैदा होती है. जिन ऐप्स की जरूरत नहीं है, उन्हें बंद कर देना और बैकग्राउंड में चल रहे अनावश्यक प्रोग्राम्स को हटाना बेहतर होता है.