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विदेश में रहने वाले कई एनआरआई (NRI) अपने इंडियन मोबाइल नंबर का यूज बैंकिंग, यूपीआई, इंवेस्टमेंट और दूसरे जरूरी कामों के लिए करते हैं. लेकिन कई बार ओटीपी (OTP) टाइम पर नहीं आता या सिम बंद हो जाती है. ऐसे में बैंकिंग का काम रुक सकता है. ऐसे में सवाल आता है कि जिस इंडियन सिम से मूल देश में बैंकिंग होती थी, वह विदेश में कैसे काम कर पाएगा. या बिना रुके कैसे सुविधाओं को लाभ पा सकते हैं.
भारतीय मोबाइल नंबर विदेश में भी काम कर सकता है. इसके लिए आपके सिम पर इंटरनेशनल रोमिंग चालू होना जरूरी है. अगर रोमिंग सही तरह से चालू है, तो आप बैंक से आने वाले ओटीपी, एसएमएस और जरूरी मैसेज फोन पर आ सकते हैं. इसलिए विदेश जाने से पहले अपने सिम की कंपनी से रोमिंग की जानकारी जरूर लें.
कई बार कमजोर नेटवर्क, गलत रोमिंग नेटवर्क या टेक्निकल वजह से ओटीपी आने में देरी हो सकती है. ऐसे में फोन को एक बार रीस्टार्ट करें या फिर किसी दूसरे नेटवर्क को सलेक्ट कर ट्राय करें. अगर फिर भी परेशानी बनी रहती है, तो अपने सिम ऑपरेटर और बैंक दोनों से कॉन्टैक्ट करें.
अगर लंबे समय तक सिम का इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो सिम कंपनी नियमों के अनुसार उसे बंद कर सकती है. इसलिए समय-समय पर सिम से एक्टिविटी करते रहें. साथ ही रिचार्ज भी करते रहें. इससे आपका नंबर चालू रहने के चांस बढ़ जाते हैं और बैंकिंग सेवा बिना रुकावट चलती रहती हैं.
अगर आपने विदेश जाने के बाद अपना पता, ईमेल या कॉन्टैक्ट डिटेल बदली है, तो उसे बैंक में भी अपडेट करें. कई बैंक यह सुविधा इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के जरिए देते हैं. सही जानकारी होने से बैंक की जरूरी सूचना समय पर मिलती रहती है.
यात्रा से पहले यह जरूर जांच लें कि आपका भारतीय मोबाइल नंबर एक्टिव है, रोमिंग चालू है और बैंक खाते में यही नंबर दर्ज है. एक बार टेस्ट करके देख लें कि ओटीपी और एसएमएस सही तरीके से मिल रहे हैं या नहीं.