UPI Payment
UPI Payment
आजकल मोबाइल रिचार्ज, बिजली और गैस जैसे बिलों का भुगतान करना UPI ऐप्स की मदद से बेहद आसान हो गया है. लेकिन इस सुविधा के साथ एक छुपा हुआ खर्च भी जुड़ गया है. कई बार 200-400 रुपए का रिचार्ज करते समय UPI ऐप आपसे 3–4 रुपए एक्स्ट्रा वसूल लेता है, जिसे Platform Fee कहा जाता है. यह चार्ज सिर्फ मोबाइल रिचार्ज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि क्रेडिट कार्ड और यूटिलिटी बिल पेमेंट पर भी लगाया जाता है.
अक्सर लोग जल्दी में पेमेंट करते वक्त फाइनल अमाउंट पर ध्यान नहीं देते. नतीजा यह होता है कि रिचार्ज में प्लेटफॉर्म फीस जुड़ जाती है, और कटने वाला अमाउंट रिचार्ज अमाउंट से ज्यादा हो जाता है. इसलिए किसी भी भुगतान से पहले पेमेंट समरी को ध्यान से देखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं प्लेटफॉर्म फीस तो नहीं जोड़ी गई है.
ऑफिशियल ऐप से करें भुगतान
प्लेटफॉर्म फीस से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें. उदाहरण के तौर पर, अगर आप अपने मोबाइल नंबर का रिचार्ज कर रहे हैं तो किसी थर्ड-पार्टी यूपीआई ऐप की बजाय सीधे कंपनी के ऑफिशियल ऐप से रिचार्ज करें. इससे न केवल अतिरिक्त चार्ज से बच सकेंगे, बल्कि कई बार आपको एक्सक्लूसिव ऑफर या डिस्काउंट भी मिल सकता है.
दूसरे यूपीआई ऐप्स भी करें ट्राई
अगर किसी खास यूपीआई ऐप पर बार-बार रिचार्ज या बिल भरते समय अतिरिक्त चार्ज देना पड़ रहा है, तो बेहतर है कि आप दूसरे विकल्पों को आजमाएं. कुछ सरकारी या कमर्शियल ऐप्स ऐसे भी हैं जो बिना किसी प्लेटफॉर्म फीस के यह सेवाएं देते हैं और कई बार बेहतर कैशबैक ऑफर भी प्रदान करते हैं.
बैंकिंग ऐप्स का समझदारी से करें इस्तेमाल
बहुत से लोग अपने फोन में बैंकिंग ऐप होने के बावजूद अलग-अलग यूपीआई ऐप्स इंस्टॉल कर लेते हैं, जबकि Banking App खुद ही रिचार्ज और बिल पेमेंट की सुविधा देते हैं. इन ऐप्स से भुगतान करने पर आमतौर पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता. यानी बिना एक्स्ट्रा ऐप इंस्टॉल किए आप अपने बैंक की ऐप से ही सुरक्षित और सस्ता भुगतान कर सकते हैं.
छोटी-छोटी प्लेटफॉर्म फीस मिलकर महीने के अंत में बड़ा खर्च बन सकती है. अगर आप थोड़ी सी समझदारी दिखाएं और सही प्लेटफॉर्म चुनें, तो इन फालतू खर्चों से आसानी से बचा जा सकता है.