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Technology: केंद्र सरकार का बड़ा आदेश, बिना सिम के नहीं चलेगा 'मैसेजिंग ऐप'.. डेस्कटॉप से भी 6 घंटे में होगा ऑटो-लॉगआउट

कोई भी मैसेजिंग ऐप फोन में तब तक काम करेगा, जब तक फोन में सिम मौजूद है. ऐप के वेब वर्जन पर सिस्टम से 6 घंटे के बाद सेशन खुद लॉग आउट हो जाएगा. यह फैसला केंद्र सरकार का व्हॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म को लेकर है. इसकी मदद से साइबर ठगी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है.

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सरकार ने साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ा फैसला लिया है. यह फैसला फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा. इस फैसले के अनुसार आप किसी भी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म जैसे टेलिग्राम या वॉट्सऐप का इस्तेमाल अपने फोन पर अपने रजिस्टर्ड नंबर से ही कर सकते हैं. बिना सिम के आप इन्हें इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा इन प्लेटफॉर्म के वेब वर्जन में भी आप केवल 6 घंटे तक ही लॉन इन रह पाएंगे. इसके बाद आप खुद ही लॉग आउट हो जाएंगे. यह फैसला बढ़ते साइबर ठगी के मामलों को मद्देनज़र रखते हुए लिया गया है.

सरकार के फैसले का कहना है कि बिना सिम के आपका मैसेजिंग ऐप नहीं चलेगा. अगर आप निकाल देते हैं, तो फैसले के अनुसार आप फोन से भी लॉग आउट हो जाएंगे, साथ ही उस ऐप की वेब बेस्ड सर्विस से भी. ऐसे में कोई भी चोर आपके फोन में सिम डाल ऐप नहीं चला सकता, क्योंकि वह केवल आपके रजिस्टर्ड नंबर से ही चलेगी और अगर किसी सिस्टम में आपने लॉग इन किया हुआ है, तो 6 घंटे बाद आप खुद ही लॉग आउट हो जाएंगे. 

क्यों लिया गया फैसला?
इस फैसले को लेने के पीछे एक बड़ी वजह है कि लोगों के फोन अक्सर चोरी हो जाते हैं, और चोर दूसरी सिम डाल ऐप को चलाने लग जाते हैं. जिसका सीधा नुकसान यूजर को होता है. इसलिए यह फैसला डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस ने लिया है. ठग अक्सर विदेश की किसी सिम को फोन में डाल इस्तेमाल करते थे. लेकिन अब चोरी में फोन में ऐप को इस्तेमाल करने के लिए उस ऐप का रजिस्टर्ड सिम ही चलेगा. डिपार्टमेंट का दावा है कि इस फैसले से लोग ठगी से भी बच सकेंगे. साथ ही ठगों की पकड़ कर पाना काफी आसान हो जाएगा.

कैसे पड़ेगा असर यूजर पर?
यूजर के लिए इस आदेश के लागू होने के बाद यह जरूरी हो जाएगा कि वह अपने फोन में उस सिम को डाल कर रखे, जिससे उसने ऐप में रजिस्टर किया है. बिना उस सिम के यूजर के लिए फोन में ऐप को इस्तेमाल कर पाना असंभव हो जाएगा. तो वहीं जो लोग ऐप की वेब सर्विस को इस्तेमाल करते हैं. तो उनके सिस्टम से हर 6 घंटे में उनका अकाउंट लॉग आउट हो जाएगा, तो उन्हें हर 6 के घंटे के बाद दोबारा लॉन इ करना पड़ेगा, अघर वह सर्विस को सिस्टम को पर इस्तेमाल करना चाहते हैं तो.