Photo Credit: ABC News
Photo Credit: ABC News
भारत सहित दुनिया भर के वैज्ञानिक हर दिन नई-नई खोज कर रहे हैं, जिससे विकास को गति देने में सहायता मिल रही है. अब ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक मकड़ी जैसा दिखने वाला ऐसा रोबोट का विकास किया है, जो धरती पर ही नहीं बल्कि चांद पर भी इंसानों के घर बसाने का सपना पूरा करेगा. चार्लोट नामक (Charlotte Robot) रोबोट सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल घर का निर्माण करने में सक्षम है.
क्रेस्ट रोबोटिक्स (Crest Robotics) और अर्थबिल्ट टेक्नोलॉजी ( Earthbuilt Technologies) के वैज्ञानिकों ने मिलकर चार्लोट रोबोट को तैयार किया है. Crest Robotics के संस्थापक डॉ. क्लाइड वेब्स्टर ने बताया कि इस रोबेट को बनाने का उद्देश्य पारंपरिक निर्माण कार्यों को तेज, सस्ता और जोखिम-मुक्त बनाना है.
कच्चे माल को बदल सकता है सीधे दीवारों और ढांचों में
चार्लोट रोबोट रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग का अनोखा मेल है. यह कच्चे माल को सीधे दीवारों और ढांचों में बदल सकता है. यह छोटा और लचीला है ताकि मकड़ी की तरह दीवारों पर चढ़कर घर 3डी प्रिंट कर सके. इस रोबोट में एक ऐसी विधि का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें रेत, कुचली हुई ईंट और अन्य ढीले सामान को फेब्रिक ट्यूब्स में पैक किया जाता है, फिर उन्हें संरचनात्मक दीवारों पर कंप्रेस किया जाता है.
इसका मतलब है कि चार्लोट रोबोट से घर बनाने में न सीमेंट चाहिए, न ईंट, न ट्रक या आपूर्ति श्रृंखला. साइट पर मौजूद मिट्टी से ही घर बन जाता है. चार्लोट रोबोट के जरिए एक औसत 200 वर्ग मीटर का ऑस्ट्रेलियाई घर एक दिन यानी 24 घंटे में तैयार हो सकता है. यह प्रक्रिया पारंपरिक निर्माण विधि से 1500 से 5000 गुना तेज बताई गई है. इससे भी बड़ी बात शून्य कार्बन उत्सर्जन है. इस रोबोट की मदद से गरीब और मिडिल क्लास के लोग सस्ते मकान बनवा सकते हैं.
भविष्य में चांद पर निर्माण का प्लान
चार्लोट रोबोट को भविष्य में चांद पर निर्माण को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. आपको मालूम हो कि चंद्रमा पर भारी मशीनरी ले जाना लगभग असंभव है. वहां न तो हवा है, न नमी, और न ही सामान्य ईंधन आधारित मशीनें चल सकती हैं. इसी वजह से Charlotte को हल्के वजन, ऊर्जा-कुशल और लचीले डिजाइन में विकसित किया गया है, ताकि यह कम संसाधनों में अधिक काम कर सके.
मकड़ी जैसे दिखे वाले इस रोबोट को फोल्ड किया जा सकता है और इस वजह से इसे स्पेस में आसानी से भेजा जा सकता है. चार्लोट रोबोट से घर का निर्माण इतना स्वच्छ है कि यदि बाद में कोई इमारत तोड़ दी जाए, तो वहां यह पता भी नहीं चलेगा कि कभी कोई इमारत थी. Charlotte से बने ढांचे बाढ़ रोधी और आग रोधी हैं. इससे यह तकनीक न सिर्फ धरती पर, बल्कि कम गुरुत्वाकर्षण वाले वातावरण यानी चंद्रमा पर भी काम कर सकती है. चार्लोट रोबोट चंद्रमा पर जाकर वहां की मिट्टी का इस्तेमाल करके गुंबद(dome) जैसे घर बना सकता है.