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Tips For Car Air Conditioner: कार को बनाना है शिमला-मनाली जैसा ठंडा, तो अपनाएं ये टिप्स.. वरना इंजन का बज जाएगा बैंड

गर्मियों के मौसम में जब घर में बिना एसी के नहीं रहा जाता तो बाहर कैसे रहा जाएगा. ऐसे में लोग कार एसी का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर कूलिंग नहीं मिल पाती है.

Tips For Car Air Conditioner Tips For Car Air Conditioner

गर्मियों के मौसम में कार का एसी किसी राहत से कम नहीं होता, लेकिन सिर्फ एसी ऑन कर देना ही काफी नहीं. मजा तब आता है जब आप एसी ऑन करें और कार फौरन ठंडी हो जाए. एसी चलाने पर गाड़ी पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है. ऐसे में आपको कार एसी से जुड़ी कुछ बातों के बारे में पता होना चाहिए, जिनसे आप कार एसी का फायदा ठीक से उठा सकें.

गाड़ी स्टार्ट करने से पहले करें ये काम
अगर आपकी कार धूप में खड़ी रही है, तो अंदर का टेंपरेचर काफी बढ़ जाता है. ऐसे में सीधे एसी ऑन करने की बजाय पहले सभी दरवाजे या खिड़कियां 1–2 मिनट के लिए खोल दें. इससे गाड़ी में मौजूद गर्म हवा बाहर निकल जाती है, जिससे अंदर का टेंपरेचर नॉर्मल हो जाता है. इसके बाद एसी ऑन करने से गाड़ी जल्दी ठंडी हो पाती है.

धीरे-धीरे बढ़ाएं कूलिंग
गाड़ी स्टार्ट करने के बाद एसी को डायरेक्ट हाई स्पीड पर न चलाएं. इसकी वजह है कि एसी कंप्रेसर थोड़ा टाइम लेता है, ठीक से काम करने में. इसलिए शुरुआत में एसी की स्पीड को लो रखें. बाद में धीरे-धीरे एसी की स्पीड को बढ़ाएं. इससे कंप्रेसर के ऊपर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा.

रीसर्कुलेशन मोड का करें इस्तेमाल
गर्मी में रीसर्कुलेशन मोड बहुत फायदेमंद होता है. इसे ऑन करने पर बाहर की गर्म हवा अंदर नहीं आती और केबिन में मौजूद ठंडी हवा तेजी से घूमती रहती है. इससे कूलिंग जल्दी होती है. लेकिन, लंबे समय तक इसे लगातार ऑन रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अंदर की हवा भारी महसूस हो सकती है. साथ ही ऑक्सीजन भी कम महसूस होने लगती है

पार्किंग का सही जगह चुनें
जब भी आप कार को पार्क करें तो कोशिश करें कि इसे छांव में पार्क करें. साथ ही अगर संभव हो तो विंडशील्ड सनशेड का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से कार के अंदर ज्यादा गर्मी कैद नहीं हो पाती और कार अंदर से ठंडी रहती है.

कराते रहे एसी की सर्विस
कार का एसी सही तरीके से काम करता रहे, इसके लिए समय-समय पर सर्विसिंग बेहद जरूरी है. साथ ही केबिन एयर फिल्टर की सफाई या बदलाव करवाएं. साथ ही गैस का लेवल और किसी भी प्रकार की लीकेज की जांच भी कराते रहें. इससे एसी की कूलिंग बेहतर बनी रहती है.