Representative Image (AI Generated)
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आज के डिजिटल दौर में हर कोई किसी के फोन की लोकेशन जानना चाहता है. साथ ही कई लोग तो दावा तक करते हैं कि वह पता लगा सकते हैं, लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है. इंटरनेट पर अवेलेबल तरीके अधूरे होते हैं या यूज़र्स को कंफ्यूज करने वाले होते हैं. इसकी वजह है कि बिना किसी की इजाज़त के उसकी लोकेशन ट्रैक करना न सिर्फ मुश्किल है, बल्कि कई गैरकानूनी भी हो सकता है. इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि कौन-से तरीके जमीनी स्तर पर काम करते हैं और किनसे दूरी बनाए रखना ही बेहतर है.
कानूनी प्रक्रिया पर कर सकते हैं भरोसा
फोन नंबर की सटीक लोकेशन ट्रैक करने का सबसे असरदार तरीका वही है जिसका इस्तेमाल पुलिस और सरकारी एजेंसियां करती हैं. इस प्रोसेस में टेलीकॉम कंपनियों की मदद ली जाती है और इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेना जरूरी होता है. आदेश मिलने के बाद नंबर को ट्रैकिंग पर रखा जाता है और उसकी लोकेशन की जानकारी एजेंसियों को दी जाती है. यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होती, इसलिए कोई भी ऐप या वेबसाइट अगर यह दावा करती है कि वह फोन नंबर से लाइव लोकेशन बता सकती है, तो उस पर भरोसा करना सही नहीं है.
कॉलर आईडी ऐप्स
ट्रूकॉलर जैसे कॉलर आईडी ऐप्स आपको किसी नंबर से जुड़ी कुछ सामान्य जानकारी दे सकते हैं. जैसे कॉलर का नाम, उसका एरिया और टेलीकॉम ऑपरेटर. लेकिन, ये ऐप्स किसी की लाइव लोकेशन नहीं दिखाते. कई लोग सोशल मीडिया या इंटरनेट के जरिए भी नंबर से जानकारी खोजने की कोशिश करते हैं, लेकिन आज के समय में प्राइवेसी सेटिंग्स के कारण यह आसान नहीं रहा. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ये टूल्स केवल सीमित जानकारी देते हैं, न कि पूरी लोकेशन.
अनुमति लेकर लोकेशन शेयरिंग
अगर आप किसी की सही और लाइव लोकेशन जानना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका उसकी अनुमति लेना है. वॉट्सऐप और गूगल मैप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोकेशन शेयरिंग का फीचर उपलब्ध है. इसके जरिए कोई भी व्यक्ति अपनी लाइव लोकेशन दूसरों के साथ शेयर कर सकता है.
ईमेल के जरिए डिवाइस ट्रैकिंग कैसे संभव है
ईमेल आईडी की मदद से फोन ट्रैक करना भी संभव है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी होनी चाहिए. इसके लिए उस गूगल अकाउंट का उपयोग करना होगा जो एंड्रॉयड डिवाइस से जुड़ा हुआ है. आपको Google Find My Device वेबसाइट पर जाकर उसी ईमेल से साइन इन करना होगा. इसके बाद आप मैप पर डिवाइस की लोकेशन देख सकते हैं. यह तरीका तभी काम करता है जब फोन ऑनलाइन हो, लोकेशन सर्विस चालू हो और डिवाइस में अकाउंट लॉगिन हो.