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क्या है Green Tax? किन गाड़ियों पर लगाया जाता है यह टैक्स, जानिए पूरी जानकारी

What Is Green Tax: जैसे-जैसे गाड़ियां पुरानी होती हैं, उनके इंजन घिस जाते हैं, प्रदूषण रोकने वाले फिल्टर कमजोर हो जाते हैं और पुरानी तकनीक के कारण वे नई गाड़ियों के मुकाबले ज्यादा धुआं और प्रदूषण छोड़ती हैं. ऐसी गाड़ियों पर Green Tax लगाया जाता है.

Green Tax Green Tax

पुरानी गाड़ियों के मालिकों को अक्सर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने या फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने के दौरान एक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है, जिसे ग्रीन टैक्स कहा जाता है. कई लोग इसे वाहन स्क्रैप पॉलिसी या दिल्ली-एनसीआर में लागू पुराने वाहनों पर प्रतिबंध से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वास्तव में यह एक अलग व्यवस्था है. तो चलिए आज इस लेख में आपको बताते हैं कि आखिर क्या होता है ग्रीन टैक्स और ये किन वाहनों पर लागू होता है.

क्या होता है ग्रीन टैक्स?
ग्रीन टैक्स वह अतिरिक्त शुल्क है जो अधिक प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर लगाया जाता है. समय के साथ वाहनों के इंजन और प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली कमजोर होने लगती हैं, जिससे वे नई गाड़ियों की तुलना में अधिक धुआं और हानिकारक गैसें छोड़ते हैं. इसी वजह से सरकार ऐसे वाहनों पर यह टैक्स लगाती है.

किन वाहनों पर लगता है ग्रीन टैक्स?
ग्रीन टैक्स आमतौर पर वाहन की उम्र पूरी होने के बाद लागू होता है.
ट्रक, बस, टैक्सी जैसी कॉमर्शियल गाड़ियों पर यह टैक्स जल्दी लागू हो जाता है क्योंकि ये अधिक दूरी तय करती हैं.
निजी कार, एसयूवी और अन्य पर्सनल वाहनों पर आमतौर पर 15 साल पूरे होने के बाद रजिस्ट्रेशन रिन्यू के समय ग्रीन टैक्स देना पड़ता है.

ग्रीन टैक्स की दर कैसे तय होती है?
देशभर में ग्रीन टैक्स वाहन की उम्र, वाहन की श्रेणी, पेट्रोल या डीजल ईंधन और संबंधित राज्य के नियम पर निर्भर करता है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार 8 साल से पुराने कॉमर्शियल वाहनों पर फिटनेस रिन्यू के समय रोड टैक्स का 10 से 25 प्रतिशत तक ग्रीन टैक्स लिया जा सकता है. अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में यह दर ज्यादा भी हो सकती है.

हालांकि दिल्ली-एनसीआर में लागू नियम अलग हैं. वहां 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध है. ऐसे मामलों में केवल ग्रीन टैक्स भरने से वाहन चलाने की अनुमति नहीं मिलती.

ग्रीन टैक्स नहीं भरने पर क्या होगा?
यदि वाहन मालिक ग्रीन टैक्स जमा नहीं करता है तो कई सरकारी प्रक्रियाएं रुक सकती हैं.
रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं होगा.
कॉमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा.
बिना वैध दस्तावेजों के वाहन चलाने पर भारी चालान लग सकता है.

किन वाहनों को मिलती है छूट?
कुछ विशेष श्रेणी के वाहनों को ग्रीन टैक्स से राहत दी जाती है.

इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
किसानों के ट्रैक्टर और कृषि मशीनें
एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियां
कुछ राज्यों में सीएनजी वाहनों को भी आंशिक या पूर्ण छूट मिलती है.

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