MOBILE PHONE CHARGING
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आज के समय में स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह अलार्म से लेकर रात में सोशल मीडिया स्क्रॉल करने तक फोन हर पल हमारे साथ रहता है. ऐसे में अधिकतर लोग रात को फोन चार्ज पर लगाकर सो जाते हैं और सुबह 100 प्रतिशत चार्ज होने पर उसे निकालते हैं. यह आदत भले ही आम हो, लेकिन क्या यह बैटरी के लिए सही है? या फिर यही रोज़ की आदत धीरे-धीरे फोन की बैटरी को कमजोर बना देती है? आइए जानते हैं इस सवाल का पूरा सच.
आजकल लगभग सभी स्मार्टफोन लिथियम-आयन बैटरी के साथ आते हैं. समय के साथ हर बैटरी की क्षमता कम होती है, लेकिन कुछ गलत आदतें इस प्रक्रिया को और तेज कर देती हैं. जब फोन 80 से 100 प्रतिशत चार्ज होता है, उस समय बैटरी पर ज्यादा दबाव पड़ता है. अगर रोज़ाना ऐसा किया जाए, तो कुछ महीनों में बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने लगती है और उसकी परफॉर्मेंस पर असर दिखने लगता है.
यह भी सच है कि आज के स्मार्टफोन काफी स्मार्ट हो चुके हैं. आईफोन और एंड्रॉयड दोनों में ऑप्टिमाइज्ड या एडेप्टिव चार्जिंग जैसे फीचर मौजूद हैं, जो ओवरचार्जिंग से बचाने की कोशिश करते हैं. इसलिए कभी-कभार 100 प्रतिशत चार्ज करने से फोन तुरंत खराब नहीं होता, लेकिन लंबे समय में यह आदत बैटरी की उम्र कम कर सकती है.
टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी को लंबे समय तक हेल्दी रखने के लिए फोन को 20 से 80 प्रतिशत के बीच चार्ज करना सबसे बेहतर माना जाता है. इस रेंज में बैटरी पर कम दबाव पड़ता है और चार्ज साइकल धीरे-धीरे पूरा होता है. इसी वजह से अब कई स्मार्टफोन कंपनियां चार्जिंग लिमिट जैसे फीचर दे रही हैं, जिससे यूजर चाहें तो फोन को 80 या 90 प्रतिशत पर ही चार्ज होने से रोक सकते हैं.
अगर आप चाहते हैं कि आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहे, तो कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं. चार्जिंग के दौरान फोन को ज्यादा गर्म जगह पर न रखें और न ही तकिए के नीचे या बंद जगह में चार्ज करें. चार्ज करते समय गेम खेलने या भारी ऐप्स इस्तेमाल करने से बचें. हमेशा ओरिजिनल या अच्छी क्वालिटी के चार्जर का उपयोग करें. अगर चार्जिंग के दौरान फोन ज्यादा गर्म होने लगे, तो तुरंत चार्जर निकाल देना बेहतर होता है.
आईफोन के नए मॉडल में ऑप्टिमाइज्ड बैटरी चार्जिंग और चार्जिंग लिमिट का विकल्प मिलता है. इसे सेटिंग में बैटरी सेक्शन के अंदर जाकर ऑन किया जा सकता है, जहां 80 से 100 प्रतिशत तक की चार्ज लिमिट चुनने का ऑप्शन होता है. वहीं कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन में प्रोटेक्ट बैटरी या चार्ज लिमिट जैसे फीचर दिए जाते हैं, जिन्हें बैटरी सेटिंग में जाकर आसानी से एक्टिव किया जा सकता है.