
Taj Mahal (Photo: PTI)
Taj Mahal (Photo: PTI)
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल को देखने का आप भी प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. मुगल बादशाह शाहजहां के तीन दिवसीय वार्षिक उर्स के मौके पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने ताजमहल में प्रवेश शुल्क माफ करने का बड़ा फैसला लिया है. इसका मतलब है कि आप बिना टिकट खरीदे भी एकदम पास जाकर ताजमहल का दीदार कर सकते हैं. ASI की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है.

कब से कब तक कर सकते हैं फ्री में ताजमहल का दीदार
शाहजहां का तीन दिवसीय सालाना उर्स 15 जनवरी, 16 और 17 जनवरी को मनाया जाएगा. इन तीनों दिनों तक ताजमहल के टिकट काउंटर बंद रहेंगे और पर्यटकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. पर्यटकों को मुफ्त में ताजमहल के अंदर प्रवेश मिलेगा. आपको मालूम हो कि दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल का फ्री में दीदार करने की छूट पूरे दिन के लिए नहीं है बल्कि यह छूट तय समय के लिए ही लागू रहेगी.
फ्री एंट्री का समय अलग-अलग किया गया है तय
1. 15 जनवरी दिन गुरुवार: दोपहर 2:00 बजे से सूर्यास्त तक प्रवेश मुफ्त.
2. 16 जनवरी दिन शुक्रवार: दोपहर 2:00 बजे से सूर्यास्त तक फ्री एंट्री.
3. 17 जनवरी दिन शनिवार: सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूरे दिन मुफ्त में प्रवेश.

टिकट काउंटर रहेंगे बंद
अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता एस कुमार के मुताबिक उर्स के दौरान तीन दिनों तक तय समय के दौरान ताजमहल के सभी टिकट बुकिंग काउंटर बंद रहेंगे. इस दौरान पर्यटकों को ताजमहल में प्रवेश के लिए किसी भी तरह का ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होगी. निर्धारित समय पर सीधे प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एएसआई और स्थानीय पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
आगरा के स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को मिलेगा लाभ
शाहजहां के उर्स के अवसर पर हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन और पर्यटक आगरा पहुंचते हैं. इस दौरान ताजमहल परिसर में पारंपरिक रस्में अदा की जाती हैं और मुख्य मकबरे पर सतरंगी चादर चढ़ाई जाती है. एएसआई अधिकारियों के अनुसार एंट्री शुल्क माफ किए जाने से न सिर्फ आम पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि आगरा के होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और अन्य स्थानीय पर्यटन व्यवसायों को भी लाभ होने की उम्मीद है.

शाहजहां ने पत्नी मुमताज महल की स्मृति में बनवाया था ताजमहल
ताजमहल को मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की स्मृति में बनवाया था. इसकी नींव 1632 में रखी गई और मुख्य मकबरे का निर्माण 1648 तक पूरा हुआ. इसके आसपास के बगीचे और अन्य संरचनाएं 1653 तक तैयार हुईं. ताजमहल मुगल स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है, जो प्रेम, सौंदर्य और वास्तुशिल्प की उत्कृष्टता का प्रतीक है. मुमताज महल की 1631 में मृत्यु के बाद शाहजहां ने इस स्मारक के निर्माण का निर्णय लिया था. आज ताजमहल यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है.