जम्मू से श्रीनगर तक चलेगी विशेष ट्रेन
जम्मू से श्रीनगर तक चलेगी विशेष ट्रेन
Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं. यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार भारतीय रेलवे ने कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं. जम्मू से श्रीनगर के बीच विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं का सफर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जा सके. इसके साथ ही स्टेशन पर भीड़ कम करने, सुरक्षा मजबूत करने और यात्रा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई स्तरों पर तैयारी की गई है.
रेलवे बोर्ड से लेकर स्थानीय अधिकारियों तक रहेगी सीधी निगरानी
अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है. इसी वजह से रेलवे ने इस बार मुख्यालय और रेलवे बोर्ड स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है. श्रीनगर के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक कपिल शर्मा के अनुसार, पानी, बिजली, साफ-सफाई, ट्रेनों की समयबद्धता और अन्य जरूरी सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसके अलावा रेलवे ने ट्रेनों में भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है, ताकि सफर के दौरान यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें.
स्टेशन पहुंचने से पहले ही पूरी कर सकेंगे आधार KYC
रेलवे ने पहले से पंजीकरण करा चुके श्रद्धालुओं के लिए प्रक्रिया को और आसान बनाया है. अब ऐसे यात्री रेलवे स्टेशन के बाहर ही आधार आधारित KYC सत्यापन पूरा कर सकेंगे. इससे स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ कम होगी और यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा.
बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था
जिन श्रद्धालुओं ने अभी तक यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके लिए पंथा चौक में ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. पंजीकरण पूरा होने के बाद यात्रियों को बसों के जरिए आगे के यात्रा मार्ग पर भेजा जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
यात्रा के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और राज्य पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं. वहीं नागरिक प्रशासन, आईजी रैंक के अधिकारी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर पूरी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं.
57 दिनों तक चलेगी अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 57 दिनों की होगी और इसका समापन 28 अगस्त, यानी रक्षाबंधन के दिन होगा. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस बार डिजिटल सर्विलांस और RFID ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग भी किया जा रहा है, जिससे यात्रा की निगरानी पहले से अधिक व्यवस्थित ढंग से की जा सके.
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