Bharuch Bullet Train Station
Bharuch Bullet Train Station
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आकार ले रही है. इसी बीच रेलवे ने गुजरात के भरूच बुलेट ट्रेन स्टेशन की नई तस्वीरें जारी की हैं. आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेशन मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा. यहां से बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति से दौड़ेगी, जिससे 508 किलोमीटर लंबी कॉरीडोर की दूरी का सफर कुछ घंटों में पूरा हो सकेगा. इस स्टेशन को आधुनिक सुविधा से लेस बनाया जा रहा है.
क्या सुविधा विकसित की जा रही है
भरूच बुलेट रेलवे स्टेशन में यात्रियों के लिए लग्जरी वेटिंग लाउंज, नर्सरी, शौचालय और दुकानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यात्रा को सुगम बनाने के लिए स्टेशन पर आने-जाने वालों के लिए कई लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं. इनमें बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है. स्टेशन के पास ही कारों, दोपहिया वाहनों, ऑटो और बसों के लिए यात्री पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ की सुविधा के साथ पार्किंग की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही पैदल यात्रियों के लिए पैदल यात्री प्लाजा भी विकसित किया जाएगा.
यह स्टेशन सीधे SH-06 (भरूच-दहेज राजमार्ग) से जुड़ा होगा. इसके अलावा यह मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे तक भी सुविधाजनक पहुंच प्रदान करेगा, जो यहां से मात्र 4 किलोमीटर दूर स्थित है. बुलेट ट्रेन स्टेशन का निकटतम रेलवे स्टेशन भरूच रेलवे स्टेशन होगा, जो इससे लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसे में सामान्य ट्रेन से आने वाले यात्रियों को बुलेट ट्रेन स्टेशन तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
इस रूट पर दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन
देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर पर चलेगी. जिसका परिचालन 15 अगस्त 2027 से चरणबद्ध तरीके से शुरू होने की संभावना है. यह कॉरिडोर करीब 508 किलोमीटर लंबा है और इसमें कुल 12 स्टेशन होंगे. मुंबई से यात्रा शुरू होकर, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद के रास्ते साबरमती पहुंचेगी. सीमित स्टॉप वाली सेवा से पूरा सफर लगभग 2 घंटे 7 मिनट में पूरा हो जाएगा.
भरूच स्टेशन की कैसी होगी खासियत?
रेलवे के मुताबिक भरूच बुलेट ट्रेन स्टेशन का स्ट्रक्चरल निर्माण पूरा हो चुका है. स्टेशन पर रेल और प्लेटफॉर्म स्लैब का काम भी पूरा हो गया है. फिलहाल इमारत के अंदर आर्किटेक्चरल फिनिशिंग का काम चल रहा है. स्टेशन को शहर के अन्य परिवहन साधनों से जोड़ने के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन की सुविधा भी विकसित की जा रही है, ताकि यात्रियों को बस, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन तक आसानी से पहुंच मिल सके.

320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी ट्रेन की रफ्तार
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इस हाई स्पीड के कारण बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. यह परियोजना जापान की शिंकान्सेन तकनीक पर आधारित है और देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क की शुरुआत मानी जा रही है.
दिल्ली से अनुमानित सफर का टाइम
अगर बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चले, तो लगभग एक घंटे में 320 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है. ऐसे में उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि अगर ट्रेन दिल्ली से खुलेगी तो किस स्टोशन तक 1 घंटे में सफर पूरा करेगी अपनी तेज रफ्तार के साथ,-
दिल्ली से आगरा की दूरी लगभग 45 मिनट में और दिल्ली से जयपुर की दूरी करीब 1 घंटे में तय की जा सकती है. हालांकि, यह केवल रफ्तार के आधार पर दिया गया उदाहरण है. वास्तविक यात्रा समय स्टॉपेज, रूट और परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा. हालांकि वर्तमान में भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर ही विकसित की जा रही है, दिल्ली से इन शहरों के लिए अभी बुलेट ट्रेन परियोजना संचालित नहीं हो रही है.
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