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Double Decker Bus in Delhi: 40 साल बाद दिल्ली की सड़कों पर फिर लौटी डबल डेकर बस, जानें रूट और किराया 

Double Decker Bus: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर 40 साल बाद शुक्रवार से एक बार फिर आइकॉनिक डबल डेकर बसों की वापसी हो गई. ये डबल डेकर बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं. हर बस में लगभग 63 यात्रियों के बैठने की क्षमता है.

Double Decker Bus (File photo) Double Decker Bus (File photo)

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर शुक्रवार से एक बार फिर आइकॉनिक डबल डेकर बसों की वापसी हो गई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐतिहासिक विजय चौक से इन इलेक्ट्रिक ओपन-टॉप बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी. यह पहल दिल्ली सरकार के पर्यटन बूस्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी विजन का हिस्सा है, जिसके तहत राजधानी के प्रमुख राष्ट्रीय स्मारकों को एक नए, आकर्षक अंदाज में दिखाया जाएगा.

क्या है इस नई बस सर्विस की खासियत?
ये डबल डेकर बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं यानी जीरो एमिशन, कम शोर और पर्यावरण के अनुकूल संचालन. हर बस में लगभग 63 यात्रियों के बैठने की क्षमता है. इससे पर्यटक दिल्ली के सेंट्रल विस्टा और आसपास के लैंडमार्क्स का पैनोरमिक व्यू ले सकेंगे. डबल डेकर बसों को प्रमुख पर्यटन स्थलों की आकर्षक तस्वीरों से सजाया गया है, जो इन्हें देखने में और भी भव्य बनाता है.

मुख्य फीचर्स
ऑन-बोर्ड लाइव टूर गाइड: हर पड़ाव पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी. बसों पर दिल्ली के प्रमुख स्थलों की ब्राइट ग्राफिक्स. सुबह और शाम दोनों समय टूर, शाम का टूर लगभग 6 बजे से. फिलहाल फिक्स्ड सर्किट, भविष्य में हॉप-ऑन-हॉप-ऑफ मॉडल पर विचार. यह डबल डेकर बस सेवा उन पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगी जो कम समय में दिल्ली के प्रमुख केंद्रों को सुविधा के साथ घूमना चाहते हैं.

टिकट दर (फिक्स्ड): इस डबल डेकर बस से सफर के किराये को बेहद संतुलित रखा गया है ताकि हर कोई इस शाही सवारी का लुत्फ उठा सके. बड़ों के लिए इसका टिकट 500 रुपए तय किया गया है. 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए 300 रुपए का किराया निर्धारित है. बस के भीतर एक गाइड भी मौजूद रहेगा, जो यात्रियों को लाल किला, कुतुब मीनार और जामा मस्जिद जैसी जगहों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देगा. टिकट बुकिंग ऐप और काउंटर के जरिए उपलब्ध होने की उम्मीद.

40 साल बाद वापसी: नॉस्टेल्जिया और आधुनिकता का संगम दिल्ली में डबल डेकर बसें 1960-70 के दशक में Delhi Transport Corporation की ‘सुविधा’ सेवा के रूप में लोकप्रिय थीं. लाल-हरे रंग की ये बसें चांदनी चौक से कनॉट प्लेस और आईटीओ तक रोजाना दौड़ती थीं लेकिन 1980 के दशक के आखिर में रखरखाव की लागत, सुरक्षा चिंताओं और संकरी सड़कों की वजह से इन्हें बंद कर दिया गया. अब करीब चार दशक बाद ये बसें नए अवतार में लौटी हैं. रोजमर्रा की पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रीमियम हेरिटेज टूरिस्ट सर्विस के रूप में. 

हेरिटेज सर्किट: लोकतंत्र के दिल की सैर यह विशेष सर्किट दिल्ली के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्थलों को कवर करेगा. इस डबल डेकर बस के रूट की शुरुआत Pradhanmantri Sangrahalaya से होकर सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख स्थलों तक जाएगी. Kartavya Path, National War Memorial, Bharat Mandapam, New Parliament Complex, Dilli Haat, इंडिया गेट और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थल ऊपरी डेक से लोकतंत्र के इस हब का नजारा, गाइड की रोचक कहानियों के साथ, पर्यटकों को एक अलग अनुभव देगा. 

सरकार का विजन: यह परियोजना मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बजट ऐलान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य दिल्ली को एक ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत करना है. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के जरिए कार्बन फुटप्रिंट कम करना और हेरिटेज को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ना है. इस तरह से दोनों लक्ष्यों को एक साथ साधने की कोशिश की गई है.

डबल डेकर बसों की यह वापसी दिल्लीवासियों के लिए पुरानी यादों का सफर है, तो पर्यटकों के लिए राजधानी को नए नजरिए से देखने का सुनहरा मौका. दिल्ली अब फिर से ऊंचाई से दिखेगी इतिहास, लोकतंत्र और आधुनिकता के संग.

(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)