scorecardresearch

Ganga Expressway: यूपी के 12 जिलों और 518 गांवों से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस-वे, पीएम मोदी 29 अप्रैल को करेंगे उद्घाटन, आवागमन होगी सहूलियत और धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

पीएम मोदी 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश को गंगा एक्सप्रेस-वे की सौगात देने जा रहे हैं. गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी के 12 जिलों और 518 गांवों से होकर गुजरेगा. गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से प्रयागराज और मेरठ के बीच की 594 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी. 

Ganga Expressway Ganga Expressway

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश (यूपी) को एक नए एक्सप्रेस-वे की सौगात देने जा रहे हैं. पीएम मोदी यूपी के हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. यूपी में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए योगी सरकार लगातार एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है. 2019 कुंभ में हुई कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ था. इसके बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था.

सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट 
सीएम योगी आदित्यनाथ के इस ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से प्रयागराज और मेरठ के बीच की 594 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी. यह एक्सप्रेस-वे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जूड़ापुर दांदू गांव में समाप्त होगा. गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी के 12 जिलों और 518 गांवों से होकर गुजरेगा.

गांवों और शहरों की होगी तरक्की 
गंगा एक्सप्रेस वे शुरू हो जाने से जहां जिन गांवों और शहरों से यह एक्सप्रेस वे गुजर रहा है उन गांवों और शहरों की तरक्की होगी, वहीं खेल नगरी मेरठ से संगम नगरी प्रयागराज को जोड़ने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. गंगा एक्सप्रेस-वे से लोग कानपुर और वाराणसी की ओर भी जा सकेंगे.‌ गंगा एक्सप्रेस-वे से उतरकर लोग एन एच 330 से वाराणसी होते हुए कोलकाता तक भी जा सकते हैं. इस एक्सप्रेस वे से आने वाले लोग प्रयागराज के धार्मिक स्थलों के अलावा वाराणसी में 12 ज्योतिर्लिंगों में एक काशी विश्वनाथ, विंध्य धाम और चित्रकूट के धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच सकते हैं. 

हरदोई से प्रयागराज तक का सफर 3 घंटे में
आर्थिक जानकारों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे न केवल प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हुआ है बल्कि यह यूपी की लाइफ लाइन बनेगा. इससे आर्थिक मजबूती आएगी और प्रदेश को वन ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने में भी मदद मिलेगी. आपको मालूम हो कि एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे लेकिन इससे पहले ही हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे से होकर एक परिवार प्रयागराज पहुंचा है. एक्सप्रेस-वे से होकर आए अंशु जैन और उनके ड्राइवर अजय का कहना है कि उन्होंने हरदोई से प्रयागराज तक का सफर 3 घंटे में पूरा किया है. ‌उन्होंने कहा कि सड़क की गुणवत्ता काफी अच्छी है. सड़क जब आम लोगों के लिए खुल जाएगी तो निश्चित तौर पर इससे लोगों का समय बचेगा और यूपी की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. आपको मालूम हो कि फिलहाल गंगा एक्सप्रेसवे 6 लेन का एक्सप्रेसवे है लेकिन भविष्य में अगर जरूरत पड़ी तो इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. 

गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत
गंगा एक्सप्रेसवे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. गंगा एक्सप्रेसवे के बीच में दोनों साइड एक एक लेन सड़क बनाने की जगह छोड़ी गई है. साथ ही एक्सप्रेसवे के बाहर साइड लगभग एक लेन से ज़्यादा जगह पार्किंग के लिए भी रखी गई है. गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के कई बेहतरीन इंतज़ाम किए गए हैं. एक्सप्रेसवे के दोनों तरह सीमेंटेड फेंसिंग की गई है. इसके अलावा स्पीड चेक करने के लिए हर दस किलोमीटर पर मॉनिटरिंग कैमरे लगाए गए हैं. इस एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं. डिवाइडर पर पेड़ पौधे लगाए गए हैं. रोड पर ऐड स्ट्रिप पर छोटे छोटे ब्रेकर नुमा पट्टे बनाए गए हैं, ताकि अगर ड्राइवर को नींद आ जाये या कोई गलती से लेन से बाहर जाये तो टायर से गड़गड़ाहट की आवाज़ से ड्राइवर अलर्ट हो जाए. एक्सप्रेसवे पर कुल नौ फैसिलिटी सेंटर बनाये गए हैं. हर फैसिलिटी सेंटर पर पेट्रोल/डीज़ल पम्प, सीएनजी पम्प, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग पॉइंट, फूड कोर्ट, कार पिक अप फूड ऑर्डर पॉइंट, कैफेटेरिया, ढाबा, मोटेल, डॉरमेट्री, ट्रामा सेंटर, मोटर व्हीकल सर्विस सेंटर, टॉयलेट्स और बड़ी पार्किंग बनाई गई है. देश में बने एक्सप्रेसवे में गंगा एक्सप्रेसवे पहला है, जहां फैसिलिटी सेंटर में ट्रामा सेंटर की सुविधा दी गई है.

(पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट)