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Type Of Visa: प्लान कर रहे हैं इंटरनेशनल ट्रैवल का? तो पासपोर्ट के साथ जरूरी है ये चीज़ भी.. जानें कितने टाइप के होते हैं वीजा

इंटरनेशनल ट्रैवल करते समय केवल पासपोर्ट ही नहीं बल्कि वीजा की भी जरूरत होती है. हांलाकि कुछ देश ऐसे है जहां भारतीयों तो वीजा की जरूरत नहीं होती. लेकिन वीजा-फ्री के अलावा बात करें तो 2 अन्य प्रकार के वीजा होते हैं.

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इंटरनेशनल ट्रैवल का प्लान बनाते समय सबसे बड़ा सवाल वीजा को लेकर होता है. कई लोगों को Visa-Free, Visa-on-Arrival और E-Visa का फर्क पता नहीं होता है. ऐसे में सही जानकारी न होने पर परेशानी खड़ी हो सकती है. अगर आप पहली बार विदेश जा रहे हैं या जल्द ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो पहले इन तीनों तरह के वीजा के बारे में जान लेना जरूरी है. इससे आप आप आसानी से तय कर पाएंगे कि आपके लिए कौन सा वीजा बेहतर रहेगा.

बिना वीजा वाली इंटरनेशनल ट्रिप

वीजा-फ्री का मतलब है कि आपको वीजा लेने की जरूरत नहीं. कई ऐसे देश होते हैं जो भारतीयों को बिना वीजा के अपने देश में आने देते हैं. वहां केवल एक वैलिड पासपोर्ट और टिकट की मदद से आप जा सकते हैं. इस लिस्ट में नेपाल, भूटान, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे कई देश भारतीयों को यह सुविधा देते हैं. अगर आपका चुना हुआ देश इस सूची में है, तो यह सबसे आसान ऑप्शन है.

क्या होता है वीजा-ऑन-अराइवल में?

वीजा-ऑन-अराइवल में आपको पहले से वीजा लेने की जरूरत नहीं होती. आप जिस देश में जा रहे हैं, वहां पहुंचने के बाद एयरपोर्ट या बॉर्डर पर ही वीजा मिल जाता है. इसके लिए एक फॉर्म भरना होता है, पासपोर्ट दिखाना होता है और वीजा की फीस देनी होती है. 

कई बार होटल की बुकिंग और वापसी का टिकट भी दिखाना पड़ सकता है. अगर आपकी यात्रा अचानक तय हुई है, तो यह अच्छा ऑप्शन हो सकता है. लेकिन इसके लिए एयरपोर्ट पर थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है.

कैसे करें वीजा-ऑन-अराइवल का आवेदन?

वीजा-ऑन-अराइवल के लिए आपको पहले से वीजा लेने की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले यह जरूर पता करें कि जिस देश में आप जा रहे हैं, वहां भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा है या नहीं. साथ ही, उस देश के जरूरी नियम और दस्तावेज पहले से देख लें.

ट्रैवल के दिन अपने साथ वैलिड पासपोर्ट, वापसी का टिकट, होटल बुकिंग और जरूरत के अनुसार ट्रैवल के खर्च का सबूत रखें. कुछ देशों में पासपोर्ट साइज फोटो और ट्रैवल इंश्योरेंस भी मांगा जा सकता है.

देश पहुंचने के बाद एयरपोर्ट या बॉर्डर पर वीजा-ऑन-अराइवल काउंटर पर जाएं. वहां आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज जमा करें और तय वीजा फीस भरें. दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आपका वीजा जारी कर दिया जाता है. इसके बाद आप उस देश में प्रवेश कर सकते हैं.

ट्रैवल से पहले ही लें वीजा

ई-वीजा पूरी तरह ऑनलाइन मिलता है. इसके लिए आपको ट्रैवल से कुछ दिन पहले उस देश की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होते हैं और फीस जमा करने के बाद वीजा मंजूर हो जाता है. फिर उसकी कॉपी अपने साथ रखनी होती है. 

एयरपोर्ट पर वही कॉपी और पासपोर्ट दिखाना होता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एयरपोर्ट पर वीजा बनवाने की जरूरत नहीं पड़ती. साथ ही आप लाइन से भी बच जाते हैं. इसमें आपको बस ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन करते समय सारी जानकारी सही भरें.

कैसे करें ई-वीजा का आवेदन?

ई-वीजा के लिए सबसे पहले उस देश की आधिकारिक वीजा वेबसाइट पर जाएं, जहां आप ट्रैवल करना चाहते हैं. वहां अपना अकाउंट बनाएं और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें. फॉर्म में पासपोर्ट, ट्रैवल और अपनी निजी जानकारी दर्ज करें.

इसके बाद पासपोर्ट की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और मांगे गए दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें. फिर ऑनलाइन वीजा फीस जमा करें.

आवेदन जमा होने के बाद आपकी जानकारी की जांच की जाती है. वीजा मंजूर होने पर ई-वीजा आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर भेज दिया जाता है. इसकी एक प्रिंट कॉपी या मोबाइल में डाउनलोड की गई कॉपी अपने साथ रखें और ट्रैवल के दौरान एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के साथ दिखाएं.

आपके लिए कौन सा वीजा सही है?

अगर आपके जाने वाले देश में वीजा-फ्री की सुविधा है, तो वही सबसे आसान और अच्छा ऑप्शन है. अगर यह सुविधा नहीं है और ट्रैवल जल्दी करनी है, तो वीजा-ऑन-अराइवल चुन सकते हैं. वहीं, अगर आप पहले से सारी तैयारी करके बिना किसी परेशानी के ट्रैवल करना चाहते हैं, तो ई-वीजा बेहतर रहेगा.