Nitin Gadkari shared a video of the Skybus (Photo/@nitin_gadkari)
Nitin Gadkari shared a video of the Skybus (Photo/@nitin_gadkari)
केंद्र सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अक्सर अपने बयानों और विजन को लेकर चर्चा में रहते हैं. एक बार फिर उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. गडकरी ने पहले हवा में उड़ने वाली बस को लेकर बयान दिया, जिसकी खूब चर्चा हुई. अब उन्होंने इसे आगे बढ़ाते हुए एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में नितिन गडकरी ने इस आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की संभावनाओं के बारे में बताया है.
स्काई बस भविष्य के लिए एक बेहतर विकल्प-
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्काई बस को भविष्य के शहरों के लिए एक संभावित विकल्प बताया है. गडकरी ने कहा कि इनोवेशन का मकसद सिर्फ रफ्तार बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों के लिए बेहतर सुविधा और परिवहन व्यवस्था तैयार करना भी है.
शेयर वीडियो में क्या है?
नितिन गडकरी ने जो वीडियो शेयर किया है. उसमें स्काई बस की परिकल्पना है. इसमें उनके एक बयान का भी जिक्र है. जिसमें वो कहते हैं कि मैं हवा में उड़ने वाली बस चलाना चाहता हूं. इस वीडियो को शेयर करने के साथ ही गडकरी ने एक्स पर लिखा कि हवा में उड़ने वाली बस... (Skybus). यह सिर्फ एक नई Transport Technology नहीं... यह उस भारत की कल्पना है, जहां Innovation का उद्देश्य सिर्फ गति नहीं, बल्कि जनसेवा, सुविधा और बेहतर भविष्य है.
नई सोच. नई तकनीक. नई ऊंचाई और गतिशील भारत का भविष्य- SKY BUS.
गडकरी ने स्काई बस तकनीक को करीब से देखा-
नितिन गडकरी संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह के uSky के टेस्ट एंड सर्टिफिकेशन सेंटर गए थे. इस दौरान उन्होंने स्काई बस तकनीक बारीकी से देखा. उन्होंने इसकी टेस्ट राइड भी ली.
uSky के मुताबिक इस सिस्टम में वाहन जमीन के ऊपर बने एलिवेटेड रेल सिस्टम पर चलते हैं. इसका मकसद सड़क के ऊपर अलग परिवहन कॉरिडोर तैयार करना है. जिससे कम जमीन का इस्तेमाल करते हुए यात्रियों और सामान की आवाजाही की जा सके.
वीडियो में गडकरी ने कहा कि यह बहुत अच्छी टेक्नोलॉजी है. यह परिवहन क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए उपयोगी तकनीक हो सकती है. गडकरी ने इसे बड़े पैमाने पर परिवहन, यात्रियों और सामान की आवाजाही के लिए संभावित विकल्प बताया.
क्या है स्काई बस-
स्काई बस हवा में चलने वाली परिवहन व्यवस्था है. इसमें छोटे इलेक्ट्रिक पॉड हवा में बने ट्रैक पर चलते हैं. इसके लिए सड़क के ऊपर एक कॉरिडोर तैयार किया जाता है. दावा है कि इससे सड़क पर मौजूद यातायात के साथ अलग रास्ते पर मुसाफिरों की आवाजाही संभव हो सकती है. इस तकनीक का मकसद भीड़भाड़ कम करने, प्रदूषण घटाने और शहरी परिवहन के लिए कम जमीन इस्तेमाल करने वाला विकल्प उपलब्ध कराना है.
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