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105 सालों से कबाड़ में पड़ा था जो ट्रैक्टर, 1.25 करोड़ में बिका, होश उड़ा देगी ये डील

पंजाब के जालंधर में स्थित शहीद भगत सिंह चौक पर वर्षों से एक पुराना ट्रैक्टर खड़ा था. इस विंटेज ट्रैक्टर का नाम था lanz Bulldog HL12 था. इसका निर्माण जर्मनी में साल 1920 में हुआ था. इसे प्रसिद्ध उद्योगपति Heinrich Lanz ने बनाया था. यह दुनिया के शुरुआती ट्रैक्टरों में से एक था, जो क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल पर चलता था. करीब 105 साल पुराना यह ट्रैक्टर 1.25 करोड़ में बिका.

Lanz Bulldog HL12 Lanz Bulldog HL12

कई बार हमारे आसपास खड़ी पुरानी चीजें सिर्फ जंग लगी लोहे की ढेर नहीं होतीं, बल्कि इतिहास का जिंदा सबूत होती हैं. कुछ ऐसा ही हुआ जालंधर में, जहां सालों से धूल-मिट्टी में सना एक ट्रैक्टर लोगों की नजरों के सामने खड़ा था. किसी ने उसे कबाड़ समझा, तो किसी ने बीते वक्त की बेकार निशानी. लेकिन जब उसकी असली पहचान सामने आई, तो वही ट्रैक्टर करोड़ों में बिक गया. चलिए आपको बताते हैं पूरी कहानी क्या है.

दरअसल, पंजाब के जालंधर स्थित शहीद भगत सिंह चौक पर करीब 105 साल पुराना ट्रैक्टर वर्षों से खड़ा था. जंग से ढका, टायरों पर धूल जमी और इंजन शांत लोग रोज उसके पास से गुजरते थे, लेकिन शायद ही किसी ने उसकी कहानी जानने की कोशिश की हो. समय की मार झेलता यह ट्रैक्टर मानो अपने गौरवशाली अतीत को भीतर ही भीतर समेटे खड़ा था.

एक वीडियो से पलट गई किस्मत
कहानी में असली मोड़ तब आया जब किसी शख्स ने यूं ही उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. वीडियो वायरल होते ही लोगों के बीच जिज्ञासा बढ़ गई, इतना पुराना ट्रैक्टर आखिर अब तक सुरक्षित कैसे है? सोशल मीडिया की ताकत का असर ऐसा हुआ कि अगले ही दिन मुंबई की एक फर्म ने मालिक से संपर्क किया और 2 लाख रुपये में ट्रैक्टर खरीदने का प्रस्ताव रख दिया. मालिक हैरान थे, जिसे वे कबाड़ समझ रहे थे, कोई उसे लाखों में क्यों खरीदना चाहता है? उन्होंने जल्दबाजी नहीं की और यहीं से कहानी और दिलचस्प हो गई.

2 लाख से 1.25 करोड़ तक का सफर
अगले ही दिन उसी कंपनी ने 28 लाख रुपये का ऑफर दे दिया. रकम अचानक बढ़ने से साफ हो गया कि मामला साधारण नहीं है. तभी विदेश से भी फोन आने लगे. अमेरिका की एक कलेक्टर कंपनी ने ट्रैक्टर के बारे में विस्तार से जानकारी दी और 1.25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा. मालिकों के होश उड़ गए. जो चीज वर्षों से चौक पर खड़ी थी, वही अब करोड़ों की धरोहर बन चुकी थी.

आखिर क्या है इसकी असली पहचान?
दरअसल यह कोई साधारण ट्रैक्टर नहीं, बल्कि विंटेज Lanz Bulldog HL12 है. इसका निर्माण साल 1920 में जर्मनी में हुआ था. इसे प्रसिद्ध उद्योगपति Heinrich Lanz ने बनाया था.

यह दुनिया के शुरुआती ट्रैक्टरों में से एक था, जो क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल पर चलता था. खास बात यह कि यह वेजिटेबल ऑयल और वेस्ट ऑयल जैसे अलग-अलग तेलों पर भी काम कर सकता था. उस दौर में यह तकनीक क्रांतिकारी मानी जाती थी. इसके हॉट-बल्ब इंजन का सिलेंडर हेड कुत्ते के चेहरे जैसा दिखता था, इसलिए इसे 'बुलडॉग' नाम दिया गया. जर्मनी के कृषि औद्योगीकरण का यह प्रतीक आज दुनिया भर के कलेक्टर्स के लिए दुर्लभ एंटीक पीस है.



अब अमेरिका में सजेगा इतिहास
आखिरकार 1.25 करोड़ रुपये में डील फाइनल हुई. 18 फरवरी की सुबह क्रेन की मदद से ट्रैक्टर को वहां से उठाया गया और मुंबई के बंदरगाह भेज दिया गया. वहां से इसे अमेरिका के California Agriculture Museum में प्रदर्शित करने के लिए रवाना किया जाएगा. अब यह ट्रैक्टर वहां इतिहास की एक महत्वपूर्ण निशानी के रूप में सहेजा जाएगा.

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