Crown Prince Frederik
Crown Prince Frederik
डेनमार्क की महारानी मार्गरेट- II (Queen Margrethe II) ने राजगद्दी छोड़ने फैसला कर लिया है. महारानी मार्गरेट- II 14 जनवरी को राजपाठ छोड़ रही हैं. उन्होंने इसकी घोषणा रविवार को की है. अब ये गद्दी उनके बेटे राजा क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक (Crown Prince Frederik) संभालने वाले हैं. बता दें, महारानी मार्गरेट- II दुनिया की एकमात्र राज करने वाली रानी और यूरोप में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली महारानी हैं.
रानी ने अपने उत्तराधिकारी का खुलासा करते हुए कहा, "मैं अपने बेटे, क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक के लिए सिंहासन छोड़ रही हूं.” इस फैसले से डेनमार्क के लिए एक नया युग शुरू हो रहा है.
पार्टी प्रिंस से फ्यूचर मोनार्क तक की यात्रा
क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक 1995 में आरहूस यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री पा चुके हैं. उनकी सार्वजनिक छवि 1990 के दशक की शुरुआत में एक पार्टी के राजकुमार से एक प्रतिष्ठित व्यक्ति में बदल गई है. इतना ही नहीं क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक ऐसे पहले डेनिश प्रिंस (Danish Prince) हैं जिन्होंने यूनिवर्सिटी की शिक्षा पूरी की है. अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान, उन्होंने एक दूसरे नाम फ्रेडरिक हेनरिक्सन से ही अमेरिका में हार्वर्ड में अपना समय बिताया था.
अपने साहस के लिए जाने जाते हैं
अपने साहस के लिए जाने जाने वाले क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक डेनिश नौसेना में सेवा कर चुके हैं. एक कोर्स के दौरान एक यादगार स्कूबा डाइविंग घटना के कारण उन्हें "पिंगो" निकनेम भी मिला था. उनके साहसिक कार्यों में 2000 में ग्रीनलैंड में चार महीने का स्की अभियान शामिल है.
इसके अलावा ब्रिटेन के राजा चार्ल्स III की तरह ही क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक भी पर्यावरण के प्रति जुनून रखते हैं. उन्हें पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर आगे आने के लिए जाना जाता है.
शाही परिवार की परवरिश
क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक की पत्नी, प्रिंसेस मैरी, ऑस्ट्रेलिया में जन्मी हैं और पेशे से वकील हैं. इन दोनों की मुलाकात साल 2000 में सिडनी में ओलंपिक खेलों के दौरान हुई थी. इनके चारों ही बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं. इतना ही नहीं बल्कि बच्चों का पालन-पोषण भी आम लोगों जैसे ही करते हैं.
कोई औपचारिक राज्याभिषेक नहीं
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश शाही परंपरा के विपरीत, क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक का कोई औपचारिक ताजपोशी समारोह नहीं होने वाला है. उनके गद्दी पर बैठने की घोषणा निर्धारित दिन कोपेनहेगन (Copenhagen) के अमालिएनबोर्ग कैसल (Amalienborg Castle) से की जाएगी. वह ग्रीनलैंड और फरो आइलैंड्स को कवर करने वाली संवैधानिक राजशाही में डेनमार्क के राजा और राज्य के प्रमुख की भूमिका निभाने वाले हैं.