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अमेरिका में अपने बयान से वायरल हो रही भारतीय मूल की ये लड़की, H-1B वीजा और हिंदुओं को लेकर कह दी ये बड़ी बात

हाल ही में फ्रिस्को सिटी काउंसिल की बैठक में कुछ लोगों द्वारा भारतीय समुदाय और H-1B वीजा धारकों को निशाना बनाए जाने के बाद, Neha Suratran ने मजबूती से काउंसिल के आगे अमेरिका में रहने वाले हिंदूओं के तरफ से अपना पक्ष रखा. हालांकि अब उनका बयान हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है.

Neha Suratran Neha Suratran

फ्रिस्को की सिटी काउंसिल बैठकों में कुछ लोगों ने H-1B वीजा प्रोग्राम और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लेकर गलत बातें कही थीं. इसी पर जवाब देने के लिए भारतीय-अमेरिकी मूल की महिला Neha Suratran सामने आईं. नेहा, जो 2016 से टेक्सास में रहती हैं, ने कहा कि H-1B वीजा को लेकर जो विवाद हो रहा है, वह गलत जानकारी और बिना वजह के डर की वजह से है. उन्होंने साफ कहा कि इस वीजा को लेकर फैलाई जा रही बातें सच नहीं हैं.

फ्रिस्को की सुरक्षा को लेकर नेहा का क्या कहना था?
नेहा ने कहा कि फ्रिस्को अमेरिका के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है और यह सुरक्षा समुदायों में विविधता के कारण नहीं, बल्कि उसी की वजह से है. यानी अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर इस शहर को बेहतर और सुरक्षित बनाते हैं.

H-1B फ्रॉड पर क्या कहा?
नेहा ने मीटिंग में बताया कि फ्रिस्को में H-1B फ्रॉड का कोई भी पुख्ता या सत्यापित मामला नहीं है. उन्होंने कहा कि लोग बिना तथ्य जांचे ग्रुप चैट और वायरल पोस्ट देखकर अपनी राय बना लेते हैं. नेहा ने याद दिलाया कि H-1B एक संघीय (फेडरल) वीजा प्रोग्राम है, इसलिए सिटी काउंसिल का इस पर कोई अधिकार नहीं होता. इसलिए इस बारे में डर या आरोप बेवजह हैं.

H-1B सिस्टम आसान नहीं है
नेहा ने कहा कि H-1B वीजा पाना बहुत कठिन प्रक्रिया है और इसका गलत इस्तेमाल करना किसी के लिए भी आसान नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे सीमित किया गया तो कई प्रतिभाशाली लोग अमेरिका छोड़कर वापस जा सकते हैं.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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भारतीय-अमेरिकी समुदाय को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
नेहा ने बताया कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय को 'Indian takeover' जैसे शब्दों के इस्तेमाल से गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. जबकि यह सच नहीं है. नेहा ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी मूल के लोग न सिर्फ अपनी संस्कृति का सम्मान करते हैं बल्कि अमेरिका के बड़े त्योहार, जैसे क्रिसमस और थैंक्सगिविंग भी पूरे दिल से मनाते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि हिंदू धर्म किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं डालता बल्कि एकता में विश्वास रखता है. 

वहीं Sahas Kaul के बयान से चौंका सिटी काउंसिल
दूसरे स्पीकर Sahas Kaul का जन्म यूएस में हुआ है. उन्होंने भी एंटि-इंडिया पर चिंता जताते हुए काउंसिल को एड्रेस करते हुए कहा कि मेरी मुलाकात एक बार एक पुलिस कमिशनर से हुई थी,उन्हें कहा था कि फ्रिस्को की कम क्राइम रेट देखकर कई शहर उससे ईर्ष्या करेंगे, क्योंकि इतनी बड़ी आबादी वाले शहर में इतना कम अपराध होना बड़ी बात है. यह किसी एक की वजह से नहीं बल्कि सभी समुदाय के लोगों की एकता के कारण है. 

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