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रात के 2 बजे भी खुला रहता है यह कैफे, यहां कस्टमर्स नहीं बल्कि परेशान मांएं आती हैं

नवजात बच्चों की देखभाल में बीतने वाली मुश्किल रातों को थोड़ा आसान बनाने के लिए जापान में एक अनोखी पहल शुरू हुई है. यहां ऐसे खास कैफे खोले जा रहे हैं, जहां मांएं अपने बच्चों के साथ पहुंचकर कुछ देर सुकून के पल बिता सकती हैं, मदद ले सकती हैं और यह महसूस कर सकती हैं कि वे अपनी चुनौतियों में अकेली नहीं हैं.

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हाइलाइट्स
  • मकसद सिर्फ बच्चों को संभालना नहीं

  • मांओं का मन भी हल्का करना है

रात में लगातार रोते बच्चों की वजह से परेशान नई मांओं को राहत देने के लिए जापान में एक अनोखी पहल शुरू की गई है. यहां नाइटटाइम क्राइंग कैफे नाम से ऐसे सेंटर चलाए जा रहे हैं, जहां रातभर जागकर बच्चों की देखभाल करने वाली मांएं कुछ समय आराम कर सकती हैं, अपनी बातें शेयर कर सकती हैं.

दरअसल, नवजात बच्चों के लगातार रोने की वजह से कई मांओं को मानसिक तनाव, थकान और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जापान के कई शहरों में ऐसे कैफे शुरू किए गए हैं. ये कैफे मांओं के लिए सुरक्षित और सहायक माहौल उपलब्ध करा रहे हैं.

होक्काइडो में शुरू हुआ खास कैफे
जापान के मेमुरो शहर में स्थित पैरेंट एंड चाइल्ड्स हाउस इस पहल का सबसे चर्चित उदाहरण बन गया है. इस कैफे को 28 वर्षीय मदोका नोजावा चलाती हैं. मदोका ने अपनी बेटी के जन्म के बाद कई रातें अकेले उसकी देखभाल करते हुए बिताईं. इसी अनुभव ने उन्हें ऐसी जगह बनाने के लिए प्रेरित किया, जहां दूसरी मांओं को भी सहारा मिल सके.

रविवार रात मुफ्त मिलती है सुविधा
यह कैफे हर रविवार रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक खुला रहता है. यहां आने वाली मांओं से कोई फीस नहीं ली जाती. स्टाफ उनकी जरूरतों में मदद करता है और उनकी समस्याएं सुनता है. कैफे में बच्चों के लिए आरामदायक मैट, स्तनपान कराने की जगह और डायपर बदलने की सुविधा भी उपलब्ध है. मकसद सिर्फ इतना है कि मांएं कुछ समय के लिए तनावमुक्त महसूस कर सकें.

मांओं को मिल रही मानसिक राहत
इस सुविधा का लाभ उठा चुकी 34 वर्षीय एक महिला ने बताया कि यहां आने से उन्हें मानसिक राहत मिली. उनके मुताबिक, किसी से बात करने और अपने अनुभव साझा करने का मौका मिलना ही काफी मददगार साबित होता है. कैफे की संचालक मदोका नोजावा का कहना है कि वह चाहती हैं कि यह जगह उन लोगों के लिए सहारा बने, जो बच्चों की देखभाल के दौरान खुद को अकेला महसूस करते हैं.

दूसरे शहरों में भी बढ़ रहा चलन
इस पहल की सफलता के बाद जापान के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के कैफे शुरू किए जा रहे हैं. टोकुशिमा प्रांत में हर महीने ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहां चाइल्डकेयर वर्कर बच्चों की देखभाल करते हैं और मांओं को आराम करने का समय मिलता है. वहीं निगाता में एक महिला समूह सप्ताह में एक बार इसी तरह का कैफे संचालित करता है.